संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अब कूड़ा एक साथ नहीं, बल्कि चार अलग-अलग डिब्बों में डाला जाएगा। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विद्यालयों में चार रंग के डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। दो अक्तूबर तक चलने वाले अभियान में विद्यार्थियों को आवश्यक जानकारी व प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गतिविधियां कराने के निर्देश दिए हैं। हरे डस्टबिन में भोजन के अवशेष और फल-सब्जियों के छिलके, नीले में कागज, प्लास्टिक, धातु व कांच, लाल में प्रयुक्त सेनेटरी पैड और काले में बैटरी, बल्ब, ट्यूबलाइट व इस्तेमाल की गई दवाएं डाली जाएंगी।
18 सितंबर को प्रार्थनासभा में स्वच्छता जागरूकता से अभियान की शुरुआत होगी। इसके बाद ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली की जानकारी, डस्टबिन व्यवस्था का प्रदर्शन और अपशिष्ट पृथक्करण का अभ्यास कराया जाएगा। पोस्टर, नारा लेखन, जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, श्रमदान, रंगोली, भाषण-विवाद और वेस्ट से उपयोगी वस्तुएं बनाने की गतिविधियां भी होंगी।
जिला समन्वयक उत्तम कुमार मल्ल ने बताया कि कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को ईको क्लब फॉर मिशन लाइफ पोर्टल पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 क्विज में प्रतिभाग कराया जाएगा। अभियान की गतिविधियों के फोटो और वीडियो पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।