गोंडा। विद्युत अव्यवस्था को लेकर हुए बवाल के मामले में जेल में बंद पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष निर्मल श्रीवास्तव को कोर्ट ने जमानत पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।
शहर में बिजली आपूर्ति में अव्यवस्था को लेकर हुए बवाल के मामले में नगर कोतवाली के तत्कालीन वरिष्ठ उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने सात सितंबर 2004 को एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने मौके से ही निर्मल श्रीवास्तव उर्फ रूपेश निवासी राजा मोहल्ला को गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस ने निर्मल समेत 17 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। निर्मल के लगातार गैरहाजिर रहने पर न्यायालय ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया और संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। कुछ दिनों पहले निर्मल ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। सीजेएम ने जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इसके बाद निर्मल के अधिवक्ता ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की। मंगलवार को सुनवाई के दौरान एडीजे (प्रथम) नम्रता अग्रवाल ने जमानत प्रार्थनापत्र सशर्त स्वीकार कर लिया। एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र व इसी धनराशि की दो जमानत और शर्तें पूरी करने की अंडरटेकिंग दाखिल करने पर निर्मल को जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। (संवाद)