निर्मल श्रीवास्तव। स्रोत: सोशल मीडिया
गोंडा। हत्या के प्रयास के 14 साल पुराने मामले में दोषी नगर पालिका परिषद गोंडा के पूर्व अध्यक्ष निर्मल श्रीवास्तव उर्फ रूपेश कुमार और त्रियुगी नारायण गुप्ता को शनिवार को जिला सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मोतीगंज के काजीदेवर निवासी व मौजूदा समय जिला पंचायत सदस्य सुशील कुमार शुक्ल ने 11 सितंबर 2012 को पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि 10 सितंबर की रात उनके छोटे भाई गौरव शुक्ल पर बाइक सवार दो बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था। हमले में गौरव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में मोतीगंज पुलिस ने राजा मोहल्ला निवासी निर्मल श्रीवास्तव उर्फ रूपेश कुमार और रानी बाजार स्थित सुनार गली निवासी त्रियुगी नारायण गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
लंबे विचारण के बाद अदालत ने अभियोजन के साक्ष्य, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाया। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़ित गौरव शुक्ल को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है। जिला पंचायत सदस्य सुशील शुक्ल ने कहा कि यह फैसला न्याय की जीत है।