28द्दस्रड्डश्च8-गोंडा के परसौली में नदी के बाढ़ में समाया प्राथमिक विद्यालय माझा।
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उमरीबेगमगंज (गोंडा)। सरयू के घटते व बढ़ते जलस्तर से हाहाकार मचा है। बेलसर के माझा प्राइमरी स्कूल का मूल भवन सरयू के जलस्तर घटने के साथ कटान तेज हो गई है। घटते जलस्तर के बीच घाघरा ने तांडव मचाना शुरू कर दिया है। ऐली परसौली में कटान शुरू हो गई है, जिससे माझा प्राथमिक विद्यालय की मूल भवन नदी में समा गया है। परिसर में लगा पीपल का पेड़ भी नदी में बह गया। विद्यालय मुख्यधारा में दिख रहा है, और 10 अतिरिक्त कक्षों वाले इस प्राथमिक विद्यालय का अस्तित्व समाप्त होता दिख रहा है।
सरयू नदी में पहले उफान और अब उतार से बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। तरबगंज के ऐली माझा गांव में तो नदी ने तबाही मचा रखी है। एक स्कूल के बाद आधा दर्जन लोगों के घर नदी में समा चुके हैं। नदी के तेवर से ऐली के केवटाही, लकड़हन पुरवा मजरे के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। लोग अपने सामानों के साथ पलायन को मजबूर हैं। इसके अलावा नदी के तेवर लगातार तीखे बने हुए हैं। दो तहसीलों के 1464 मजरे बाढ़ के मुहाने पर खड़े हैं।
बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई तो इन मजरों में रहने वाले 37153 परिवारों के करीब दो लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित होगी। कटान तेज हो गई, जिससे खतरा और बढ़ सकता है। इस बार तरबगंज क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा अधिक है।
सोनौली मोहम्मदपुर के पास बांध का निर्माण हो रहा है, और कई स्थानों पर कार्य अधूरे हैं। ऐली माझा गांव में लगातार कटान हो रही है, माना जा रहा है कि नदी के कटान से इस बार ऐली माझा का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। करनैलगंज के नकहरा गांव में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बांध का विस्तार होने से नकहरा गांव के कई मजरे घाघरा नदी के नजदीक आ गए हैं और पानी गांवों की ओर बढ़ रहा है। वहीं नवाबगंज क्षेत्र के भी कई गावों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
नदी के जलस्तर में गिरावट आई है। नदी में घटने से कटान होता है, स्कूल भवन के गिरने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। स्थिति पर नजर है।
- राजेश कुमार, एसडीएम