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बिसुही नदी के उल्टा प्रवाह से 40 गावों में बाढ़ की स्थिति

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गोंडा के रूपईडीह क्षेत्र में सड़कों खेतों व सड़कों पर भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले में नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर बिसुही नदी पर पड़ा है। बिसुही नदी ने रुख ही बदल दिया है और अब वह उल्टा बहने लगी है। 20 साल बाद ऐसी स्थिति बनी है जब नदी उल्टा प्रवाहित हो रही है।
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इससे नदी के तटवर्ती करीब 40 गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। वहीं सौ से अधिक गांवों की ओर से पानी बह रहा है। माना जा रहा है कि नदी अपने सही रुख की ओर नहीं मुड़ी तो गांवों में बाढ़ की स्थिति हो जाएगी। सौ से अधिक गांवों में बाढ़ की आशंका जताई जा रही है।
विगत दिनों हुई भारी बरसात के साथ ही सरयू, मनवर और कुआनो नदियों में जलस्तर काफी बढ़ गया है। खतरे के निशान को पार कर चुकी नदियों से बिसुही नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। कैचमेंट का पानी आ जाने से नदी में उल्टा प्रवाह शुरू हो गया, जिसके कारण तहसील सदर अंतर्गत विकासखंड इटियाथोक तथा रुपईडीह के लगभग 40 गांव जल मग्न हुए हैं।
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अधीक्षण अभियंता नहर पंच दशम त्रयंबक त्रिपाठी ने बताया है कि कुआनो और मनवर नदी का जलस्तर बढ़ने और बिसुही नदी में केचमेंट का पानी आ जाने के कारण नदी में उल्टा प्रवाह चालू हो गया जिसके कारण नदी का पानी कई गांव में घुस गया।
उन्होंने बताया कि ब्लॉक इटियाथोक के पारा सराय, निरमापुर के मजरा अहिरन पुरवा, तेलियानी कानूनगो, हरैया झूमन में आंशिक जलमग्न की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसी प्रकार विकासखंड रुपईडीह के मजरा अनंतपुर, असिधा, राजाजोत, भुडकुड़ी, कमडरवा, भुलईडीह, भोलाजोत, गोनरिया और परसपुर एलहवा सहित लगभग 40 मजरे प्रभावित हुए हैं।
तहसील सदर अंतर्गत विकासखण्ड रूपईडीह तथा इटियाथोक के बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को विधायक कटरा बाजार बावन सिंह, डीएम मार्कंडेय शाही तथा पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने रूपईडीह के ग्राम गोनरिया व भोलाजोत में पहुंचकर प्रभावितों को राशन किट तथा बिस्कुट व अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया।
इसके साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ स्वयं सीएमओ डॉ. आरएस केसरी ने गांवों में पहुंचकर आवश्यक दवाओं का वितरण कराना शुरू कर दिया है। पशुपालन विभाग की टीम द्वारा पशुओं का टीकाकरण चालू कर दिया गया है वहीं राजस्व विभाग व पूर्ति विभाग द्वारा प्रभावितों को राशन आदि मुहैया कराने का कार्य किया जा रहा है।
जिलाधिकारी श्री शाही ने बताया कि राजस्व विभाग की टीमों ने निरीक्षण कर फसल व घरों को हुई क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को अनुमन्य योजना के तहत घर व मुआवजा राशि दिलाने का कार्य किया जाएगा।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए रखने हेतु राजस्व टीमों को एलर्ट पर रखा गया है। इसके साथ ही इमरजेंसी की स्थिति में नायब तहसीलदार सदर के मोबाइल नंबर 9454416071 व कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम के नंबर 05262-230125 पर कॉल करके सूचना दी जा सकती है और मदद प्राप्त की जा सकती है। अधीक्षण अभियंता ने बताया गया कि विगत 22 जुलाई से नहर बंद थी। 20 वर्ष बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि नदी का पानी स्वत: उल्टा नहर में आ रहा है।
उन्होंने बताया ऐसा इसलिए है कि घाघरा, कुआनो और मनवर नदी का जलस्तर कास्त्रत्त्फी बढ़ा हुआ है और पानी डिस्चार्ज नही हो पाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य हो जायेगी। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर सूरज पटेल, एसडीएम न्यायिक सदर कुलदीप सिंह सहित राजस्व, स्वास्थ्य, पूर्ति तथा पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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