गोंडा। जिले में बाढ़ आने की स्थिति में 1464 मजरों के 37153 परिवारों से जुड़ी दो लाख की आबादी प्रभावित हो सकती है। इसकी आशंका को भांपते हुए प्रशासन ने बचाव के कार्य में तेजी लाना शुरू कर दी है। डीएम मार्कंडेय शाही ने बुधवार को तहसील तरबगंज अंतर्गत घोड़हन ऐली-परसौली तटबंध तथा सोनौली मोहम्मदपुर सकरौर-भिखारीपुर तटबंध के मरम्मत कार्य का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने कलेक्ट्रेट कंट्रोल कक्ष से बांध की सीधी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील बनाने से जुड़े कार्यों को भी जल्दी पूरा करवाने को निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने किलोमीटर 11.400 से किलोमीटर 12.500 के बीच बनाए गए स्पर, नोज तथा पिचिंग कार्य को देखा। स्पर नंबर 08 पर जब डीएम ने फीते से नपायी करवायी तो स्पर की चौड़ाई मानक 5 मीटर के सापेक्ष एक मीटर अधिक मिली। उन्होंने स्पर नंबर 7, 8 व 9 को परक्यूपाइन से जोड़ने तथा सभी स्परों को एक दूसरे से जोड़ने को कहा।
ऐली-परसौली घोड़हन तटबंध का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने कार्य प्रगति पर पाया। तटबंध पर लगे चारों सीसीटीवी कैमरों को डीएम ने कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम से जोड़ने तथा लिंक एसडीएम तरबगंज व थानाध्यक्ष उमरी बेगमगंज को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशत किया।
डीएम ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे से तटबंध की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग होने से बंधे की स्थिति एवं गतिविधियों को सीधे देखा जा सकेगा। डीएम ने ऐली-परसौली में कुछ परक्यूपाइन्स अधोमानक मिलने पर उन्हें तत्काल हटाने को कहा। मौके पर मौजूद एक्सईएन को निर्देश दिया कि किलोमीटर 17.9 से 17.8 तक स्परों के बीच छूटे 5 सेट परक्यूपाइन को तत्काल लगवाएं तथा स्परों व नोज के बीच के गैप को समाप्त कर कार्य पूर्ण कराएं।