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मनरेगा में 1.16 करोड़ के अनियमित भुगतान में फंसीं पांच पंचायतें

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मुजेहना (गोंडा)। मनरेगा में सख्ती के बाद भी अनियमित भुगतान का सिलसिला नहीं थम रहा है। विकास कार्य बिना कराए ही भुगतान किए जाने का मामला फिर एक बार सामने आया है। पांच ग्राम पंचायतों में करीब 1 एक करोड़ 16 लाख के अनियमित भुगतान की जांच शुरू हुई है। इसकी शिकायत गांव के लोगों ने की है।
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उनका कहना है कि बिना कार्य कराए ही पंचायतों में बजट निकाला जा रहा है। इसमें सामग्री पर भी मानक की अनदेखी करके भुगतान किया गया है। इससे अनियमितता का संदेह बढ़ गया है। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने इसके पहले भी यहां की आठ पंचायतों को चेतावनी दी थी। उन पंचायतों में बिना मानक के ही भुगतान का मामला ऑनलाइन समीक्षा में पकड़ा गया था।
ग्राम पंचायतों में मनरेगा के नियमों के तहत 60 फीसदी बजट श्रम पर और 40 फीसदी बजट सामग्री पर खर्च किया जाना है। इसके विपरीत पंचायतें सामग्री पर अधिक बजट खर्च कर बंदरबांट कर रही हैं। नियमों की अनदेखी कर भुगतान के मामले में कार्रवाई भी हुई है फिर कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
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एक मामला यह भी सामने आया है कि तालाबों की खुदाई का कार्य बारिश से बंद था, इसके बावजूद एक दर्जन से अधिक तालाबों की खुदाई बरसात के महीने में होती रही है। यही नहीं गोआश्रय केंद्रों और पशु शेड के निर्माण में बड़े पैमाने पर गोलमाल की शिकायतें मिली हैं। इसके साथ ही पौधरोपण और कोरोना संकट में सैनिटाइजेशन के नाम पर भी अनियमित भुगतान किए गए हैं। ब्लॉक स्तर पर इसके बारे में समीक्षा भी की गई और हिदायत भी दी गई इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ।
पंचायतों ने बिना काम कराए किए भुगतान
ब्लॉक की पंचायतों ने खुले हाथ से बिना काम कराए ही भुगतान किया है। इसमें ग्रामपंचायत रानीजोत में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 10 लाख 35 हजार 650 रूपए का भुगतान लिया गया है। यहां भी कई कार्यों में गड़बड़ी बताई जा रही है। रेतवागाडा में 33 लाख 52 हजार 61 रूपए का भुगतान लिया गया है।
रैगॉव में 25 लाख 19 हजार 334 की मजदूरी का भुगतान किया गया है। मुजेहना पंचायत में 34 लाख 34 हजार 688 रूपए का भुगतान मजदूरी निकाला गया है। महेशभारी, रैगॉव और धर्मेई में भी मनरेगा के नियमों की अनदेखी कर भुगतान में 60 और 40 फीसदी के नियमों का पालन नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत लखनीपुर के मेई निवासी शालिग्राम दुबे ने शिकायतों की है और जांच की मांग किया।
बजट तो खर्च कर दिया पर मौके पर नही हुए काम
रूद्रगढनौसी नौसी में 14 लाख 64 हजार 197 के रूपए का भुगतान किया गया है। यहां काम में अनियमितता बरती गई है। सोनू के खेत से बाग तक मिट्टी पटाई के नाम पर 40602 रुपये निकाले गए हैं, लेकिन 20 मीटर भी मिट्टी नहीं फेंकी गई है।
मुडनी तालाब के सुंदरीकरण के लिए 186930 रुपये निकाले गए हैं, यहां पर कोई काम नहीं हुआ। नहर वाले तालाब की खुदाई में 168840 रुपये का भुगतान किया। गांव के रक्षा कश्यप का कहना है कि यह तालाब मेरे निजी नंबर में आता है और इस पर मैंने 10 हजार रुपये खर्च करके जेसीबी से काम कराया था। लेकिन पंचायत के लोगों ने यह धन फर्जी रूप से निकाल लिया है। चिकनू तालाब के सुंदरीकरण पर 158991 रुपये का भुगतान हुआ है जबकि काम नहीं हुआ है।
मुराव तालाब की खुदाई में 213060 रुपये और छिछली तालाब की खुदाई में 195774 रुपये का भुगतान लिया गया है। गोशाला में भी निर्माण के लिए लगभग पांच लाख रुपये का भुगतान हुआ है। मानक के अनुसार काम नहीं कराया गया है। गौसाले के निर्माण के लिए जून माह में ही भुगतान किया गया है लेकिन अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। रूद्रगढनौसी गांव के इफतियार अहमद, मोहम्मद रईस, रविन्द्र दत्त्त, जोखू, मातासरन आदि ने मुुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की है। उन्होंने जांच के आदेश भी दिए हैं।
जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई
मनरेगा के कार्यों पर नियमित निगरानी कराई जा रही है। ऑनलाइन मानीटरिंग भी होती है। जहां की शिकायतें मिली हैं वहां की जांच कराई जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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- शेर बहादुर सिंह, खंड विकास अधिकारी
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