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पांच लाख छात्रों के नहीं बने आधारकार्ड

Mon, 02 Jan 2017 10:59 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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aadhar card
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय देश भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का आधारकार्ड बनाने के लिए भले ही फिक्रमंद हो, लेकिन जिले के अफसरों को इससे कोई लेना-देना नहीं है। यहां न तो आधारकार्ड बनाने के लिए प्रशासन स्तर पर कोई पहल की गई है और न ही कोई जागरूकता अभियान ही चलाया गया। ऐसे में जिले भर के सरकारी व मान्यता प्राप्त स्कूल, कालेॅजों के करीब पांच लाख छात्र अब भी आधारकार्ड से वंचित हैं। 
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सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं की संख्या, पढ़ाई व रिजल्ट आदि की जानकारी हासिल करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय इन छात्रों का डाटाबेस तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। इस डाटाबेस को छात्रों के आधारकार्ड से जोड़ने की योजना है।

सरकार का मानना है कि आधार लिंक कराने के बाद छात्रों की पढ़ाई व ड्राप आउट की वास्तविक संख्या की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इसको लेकर केंद्र सरकार ने सरकारी स्कूल, कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड बनवाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा जिन छात्रों का आधारकार्ड अभी नहीं बन सका है, उन्हें एक यूनिक नंबर दिया जाना है। बेसिक शिक्षा निदेशक भी परिषदीय स्कूलों में कैंप लगाकर छात्रों का आधारकार्ड बनाए जाने का निर्देश दे चुके हैं, लेकिन इन सरकारी स्कूलों में आधारकार्ड बनाने की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में है।
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वर्तमान शैक्षिक सत्र में जिले भर के करीब 3200 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पांच लाख बच्चे ऐसे हैं, जिनके पास आधारकार्ड नहीं है। लेकिन इन बच्चों का आधारकार्ड कैसे बनेगा, इसको लेकर जिला प्रशासन के पास कोई योजना नहीं हैं। अफसरों की लापरवाही से इन छात्रों के पास न तो आधारकार्ड है और न ही इन्हें कोई यूनिक नंबर ही मुहैया कराया गया है।

शासन स्तर से आधारकार्ड बनाए जाने को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के बाबत निर्देश मिलने के बावजूद जिले में कहीं भी कोई जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया। हाल तो यह है कि जब बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों से इस आदेश के बाबत पूछा गया तो उन्होंने ऐसे किसी आदेश की जानकारी होने से ही इन्कार कर दिया। 

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की योजना के मुताबिक शिक्षकों के आधारकार्ड को भी ई-संपर्क पोर्टल से जोड़ा जाना है, लेकिन जिले के शिक्षक भी आधारकार्ड बनवाने में अभी काफी पीछे हैं। परिषदीय स्कूलों में इस समय करीब 12 हजार शिक्षक कार्यरत हैं लेकिन इनमें से आधे से अधिक शिक्षकों के पास आधारकार्ड नहीं हैं। आधारकार्ड न बना होने के कारण इनका ब्योरा अब तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नहीं दर्ज किया जा सका है। 

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा प्रदीप कुमार पांडेय ने कहा कि स्कूलों में आधारकार्ड बनवाने के लिए कैंप लगाए जाने के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर इस संबंध में कोई आदेश आया है तो जानकारी कर छात्रों का आधार कार्ड बनवाया जाएगा। 
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