गोंडा। विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने की मियाद अब 5 दिसंबर कर दी गई है। इसके साथ ही अधिक से अधिक मतदाता बनाने की मुहिम को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। स्कूल और कालेजों में इसके लिए जागरूकता अभियान शुरू हो गया है।
बुधवार को जिले के 400 से अधिक माध्यमिक स्कूलों में प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इसके साथ ही पहली बार छात्र अपने पापा व मम्मी से इस बात कर प्रमाण लेंगे कि वह मतदाता हैं कि नहीं हैं। नहीं हैं तो आवेदन करें। इसके लिए डीआईओएस राकेश कुमार ने आदेश जारी किये हैं। कक्षा नौ से लेकर डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब पांच लाख छात्रों को ऐसा प्रमाण पत्र परिवार से लेना है।
नवंबर में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाया गया और मतदाता बनाने के लिए अपील की गई। जागरूकता के लिए कई तरह के कार्यक्रम स्कूलों और कालेजों में हुए। प्रशासन स्तर से भी कार्यक्रम हुई। 30 नवंबर को पुनरीक्षण अभियान पूरा हो गया था, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इसकी समय सीमा बढ़ाकर पांच दिसंबर कर दिया है।
अब एक बार फिर अभियान को तेज करने के लिए जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने निर्देश दिए हैं। जिले के 483 माध्यमिक स्कूलों के साथ ही 40 के करीब डिग्री कालेजों में पढ़ने वाले करीब पांच लाख छात्रों को इस बार सीधे जोड़ा गया है। इसमें सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों को भी जोड़ा गया है।
अब पढ़ने वाले यह छात्र अपने घरों में माता पिता के साथ ही एक जनवरी 2022 को 18 साल की आयु पूरी करने वाले परिवार के सदस्यों से इस बाद का सबूत लेंगे कि वह मतदाता बन गये हैं या फिर बनने के लिए आवेदन किये हैं। इससे सीधे हर घर तक मतदाता बनने की मुहिम की योजना बनाई गई।
डीआईओएस राकेश कुमार ने सभी हाईस्कूल, इंटर व डिग्री कालेजों को निर्देश दिये हैं कि वह अपने स्तर से छात्रों को प्रमाण पत्र का नमूना बता दें और प्रमाण पत्र जमा कराएं। इससे यादि कोई छूटा हो तो वह अपने निकट के बूथ पर जाकर 5 दिसबंर तक मतदाता अभी बन सकता है। वहीं बुधवार को स्कूलों में प्रतियोगिताओं के साथ ही मतदाता जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस बार निर्वाचन आयोग का ज्यादा जोर युवाओं और महिलाओं को मतदाता बनाने का है। इसलिए डिग्री कालेज व इंटर कालेजों को सीधे शामिल किया जा रहा है। माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2022 को स्नातक कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले छात्रों की आयु 18 वर्ष पूरा हो चुका है। ऐसे में उन्हें इस अभियान से जोड़ा गया है।
जिले के आंकड़ों पर गौर करें तो करीब एक लाख छात्र ऐसे हैं जो स्नातक व व्यवसायिक कोर्स में इंटर के बाद प्रवेश लिये हैं। यह सभी मतदाता के लिए आवेदन करें तो मतदाता सूची में युवाओं की भागीदारी काफी बढ़ जाएगी। इसलिए नई पहल की गई है।