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पांच चुनावों से साफ होगी पंचायतों में आरक्षण की तस्वीर

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गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पंचायतों के आरक्षण की प्रक्रिया जल्द तय होने की उम्मीद है। शासन ने पंचायतों के पिछले पांच चुनावों में किए गए सीटों के आरक्षण का ब्यौरा मांगा है जिसे तैयार करने में विभाग जुटा हुआ है। ब्लॉक प्रमुखों के आरक्षण का ब्यौरा भेजा भी जा चुका है। अब जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और प्रधानों के आरक्षण की स्थितियों का चुनाव वर्ष वार रिपोर्ट बन रही है। पंचायती राज विभाग के अनुसार 25 सालों में पांच बार पंचायतों के चुनाव हुए हैं और हर बार सीटों के आरक्षण की स्थिति क्या थी, इस पर मंथन हो रहा है। इसी के आधार पर 2021 में होने वाले पंचायत चुनाव में आरक्षण की तस्वीर साफ होगी।
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पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज होती जा रही हैं। लोगों को आरक्षण सूची का इंतजार है। जिले में क्षेत्र पंचायत की सीटों पर आरक्षण निर्धारित करने के लिए पंचायती राज विभाग ने पिछले पांच चुनावों में आरक्षित सीटों की सूची निदेशालय भेज दी है। अब ग्राम पंचायतों की सीटों के आरक्षण के लिए पिछले पांच पंचायत चुनावों में किए गए आरक्षण की सूची तैयार कराई जा रही है। पिछले पांच बार के चुनाव में आरक्षण के लिए तैयार की गई सूची निदेशालय को भेजा जानी है।
जिले में अभी 1054 पंचायतों में पांच बार चुनाव हो चुके हैं, इस बार 160 नई पंचायतों को भी शामिल किया गया है। इसी तरह जिला पंचायत सदस्यों के 51 पद पहले थे अब 65 हुए हैं और इस बार 1204 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के पद में 321 सीटें बढ़ीं हैं। पूर्व में ये सीटें किस-किस वर्ग के लिए आरक्षित हो चुकी हैं, इसका खाका खींचा जा रहा है। ब्लॉक प्रमुख के 16 पद ही हैं, इसलिए उनकी सूची पहले ही तैयार हो गई थीं। बताया जा रहा है कि जिले की पंचायतों में पांच चुनावों के आरक्षण का हाल भेज दिया जाएगा। जिसके बाद आरक्षण के तरीके की स्थिति साफ हो जाएगी। (संवाद)
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पंचायतों के आरक्षण में जुगाड़ पर लगेगी रोक
पंचायत चुनावों में सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया में बड़े बदलाव के भी संकेत मिले हैं। इस बार शासन ऐसी व्यवस्था करने की तैयारी में है कि जुगाड़ पर रोक लगाई जा सके। अभी तक जिला स्तर पर समिति के माध्यम से आरक्षण तय होने पर जुगाड़ की कोशिशें होती थीं जिससे काफी विवाद भी होता था। अब शासन पंचायत की सीटों के आरक्षण के लिए 2015, 2010, 2005, 2000 और 1995 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान लागू आरक्षण की ब्लॉकवार सूची मंगा रहा है जिसके आधार पर 2021 में सीटों का आरक्षण तय होगा। इसी तरह ग्राम पंचायत की सीटों के आरक्षण के लिए पिछले पांच बार हो चुके पंचायत चुनावों में आरक्षण की सूची तैयार हो रही है। इस तरह से आरक्षण किए जाने से जुगाड़ पर रोक लगेगी।
चुनाव की तैयारियों में जुटा प्रशासन, डीएम सख्त
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने पंचायत चुनाव में खलल डालने की मंशा रखने वालों पर नकेल कसने का काम शुरू कर दिया हैं। उन्होंने त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार कराने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों का उत्तरदायित्व तय कर दिया है। वहीं चुनाव में खलल डालने की मंशा रखने वालों तथा अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने मतदाता सूची में किसी प्रकार का परिवर्तन हो रहा है, पिछले छह माह में विवाद काफी रहे हों, लगातार कच्ची शराब या अवैध असलहे संबंधी सूचना मिल रही हो, जाति-धर्म विशेष की अधिकता या दो वर्ग बराबर-बराबर हों तथा जहां पिछले चुनाव में संवेदनशीलता रही हो व अप्रिय घटना हुई हो, ऐसी ग्राम पंचायतों तथा व्यक्तियों का चिन्हांकन करने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने मतदाता सूची की समीक्षा गहनता से करने को कहा। कहा कि बीएलओ से संवाद करें। समाज के सकारात्मक व नकारात्मक दोनों लोगों की सूची तैयार करें। उन्होंने शस्त्र दुकानों का निरीक्षण करने के साथ ही दो से अधिक लाइसेंसधारियों का एक लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा एक शस्त्र जमा कराने का फरमान दिया है। सभी के भौतिक सत्यापन पर जोर दिया और कहा कि अधिकारी गंभीर होकर कार्य करें। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कहा कि कि छह माह में जिला बदर किए गए लोगों का सत्यापन किया जाए।
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