गोंडा। जिले में कोरोना वायरस का कहर जारी है। संक्रमितों की संख्या में आंशिक कमी जरूर आई है लेकिन करीब पखवाड़े भर से चला आ रहा कोरोना से मरने वालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को कोरोना संक्रमण की वजह से शिक्षामित्र समेत पांच लोगों की मौत हो गई तथा 127 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
कोरोना के कहर से लोंगों मे भयंकर डर बना हुआ है। गांवों से लेकर शहर तक कोरोना का प्रकोप लोगों को डरा रहा है। कोरोना के नए मामलों में आंशिक कमी जरूर आई है। लेकिन कोरोना से मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है।
बुधवार को खरगूपुर के पास अचलनगर गांव में रहने वाले शिक्षामित्र धर्मेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। वो कई दिनों से कोरोना संक्रमित थे। धर्मेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय हिंदू नगर बांकी में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे। जिनकी लगभग एक पखवारा से तबीयत खराब थी।
पिछले तीन दिन पहले उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। उनके बड़े भाई पत्रकार है। उनके मौत पर क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने श्रद्धांजलि दिया। वहीं कोविड से ग्रसित चार अन्य लोगों के मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने किया है। कोरोना जांच की रिर्पोट में 127 लोग पॉजिटिव पाए गए।
कोरोना महामारी को काबू में करने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। इसके बचाव के नियमों का पालन करने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पुलिस सख्ती दिखा रही है।
और बिना मॉस्क लगाए लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी कर रही है। लेकिन इसका असर कम ही दिख रहा है। कोरोना कर्फ्यू के चलते दुकानें बंद है सिर्फ जरूरी समानों सब्जी, दूध, मेडिकल स्टोर्स जैसे जरूरी दुकानों सुबह छह बजे से नौ बजे तक खुल रही हैं। जहां पर लोग पहुंच कर मास्क और शारीरिक दूरी भूल जा रहे है। जिससे संक्रमण का खतरा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।