गोंडा। मोतीगंज के कुंदरखी स्थित बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड, एचआर मैनेजर और एक अन्य की प्रताड़ना से आहत होकर 250 गोलियां खाने वाले फिटर गजेंद्र सिंह शुक्रवार रात जब अस्पताल में अंतिम सांसें गिन रहे थे, उसी दौरान मिल के एचआर मैनेजर ने उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज करा दी। शनिवार को फिटर की मौत के बाद पुलिस ने बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड, एचआर मैनेजर समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मुरादाबाद के भोजपुर इस्लामनगर (रमपुरा) निवासी गजेंद्र कुमार सिंह (38) मोतीगंज के कुंदुरखी स्थित बजाज हिस्दुस्थान शुगर लिमिटेड में फिटर थे। वह शहर में चंटू बाबा मंदिर के पास किराये के मकान में पत्नी रूबी व दो बच्चों अनन्या (12) और अभी (05) के साथ रहते थे। रूबी का आरोप है कि मिल के यूनिट हेड पीएन सिंह, एचआर मैनेजर कमलेश कुमार और राजू सिंह की प्रताड़ना से आहत होकर शुक्रवार को गजेंद्र ने नींद, रक्तचाप व अन्य बीमारियों की करीब 250 गोलियां खा ली थीं। दरअसल गजेंद्र को मिल से निलंबित करके बाहर कर दिया गया था।
मोतीगंज की प्रभारी निरीक्षक अनीता यादव ने बताया कि मिल के एचआर विभाग के सहायक प्रबंधक कमलेश कुमार की तहरीर पर शुक्रवार रात फिटर गजेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इसमें आरोप है कि गजेंद्र ने मिल के सहायक प्रबंधक के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए धमकी दी थी।
रूबी का कहना है कि आरोपी यूनिट हेड पीएन सिंह व एचआर मैनेजर ने अपने रसूख का इस्तेमाल करके पुलिस से मिलीभगत कर उनके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। रूबी के मुताबिक पति के खुदकुशी करने से पहले उन्होंने स्थानीय पुलिस को मिल के अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी थी। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
गजेंद्र कुमार सिंह की मौत के बाद पुलिस ने शनिवार को मिल के यूनिट हेड पीएन सिंह, एचआर मैनेजर कमलेश कुमार और राजू सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पत्नी रूबी ने बताया कि आरोपी लगातार पति को प्रताड़ित कर रहे थे। पति पर अनाप-शनाप आरोप लगाकर नौकरी से निकलने की धमकी दी जा रही थी। गत 22 अक्तूबर को भी विवाद हुआ था।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि सहायक प्रबंधक ने ऑडियो के आधार पर केस दर्ज कराया है। जिसमें जाति-सूचक शब्दों के प्रयोग की बात सामने आई है। इसी आधार पर मिल के एचआर विभाग ने फिटर गजेंद्र को निलंबित किया था। गजेंद्र की मौत के बाद मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
वहीं, मजदूर ट्रेड यूनियन के नेता दिलीप शुक्ल ने कहा कि मिलकर्मी गजेंद्र सिंह के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद व परिजनों को नौकरी दी जाए। साथ ही मजदूर ट्रेड यूनियन का प्रतिनिधिमंडल उप श्रमायुक्त देवीपाटन मंडल से मुलाकात करेगा। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।