गोंडा। सावन माह शुरू होने से पहले पवित्र सरयू में गंदा पानी आ गया है। मंगलवार को नदी में मछलियां के मरने की सूचना से इसका खुलासा हुआ। तीन साल पहले भी नदी में बहराइच की एक चीनी मिल के गंदे पानी से नदी प्रदूषित हो चुकी है। एसडीएम ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। कस्बे से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित सरयू नदी कटरा घाट है। यहां शमशान घाट भी है, जहां बड़ी संख्या में लोग स्नान करते हैं। मंगलवार को अचानक घाट के आसपास बदबू आने लगी। नहाने आए लोगों ने देखा कि सरयू के जल में मछलियां उतरा रहीं हैं। इसकी जानकारी लोगों ने प्रशासन को दी। वहीं 22 जुलाई से पवित्र सावन की शुरुआत भी हो रही है। सावन में प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में लोग स्नान करेंगे और शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे। ऐसे समय में सरयू नदी में विषैला और गंदा काले रंग का पानी आ जाने के कारण लोगों का स्नान करना मुश्किल हो रहा है।
मछलियों की हुई है मौत
नदी में पानी बहुत गंदा आ गया है। जिससे मछलियां मरी हैं। बाकी कोई जलीय जीव नहीं मरे हैं। कछुओं पर भी इसका असर पड़ा है, क्योंकि कछुए पानी के हिसाब से अपना तापमान बदल लेते हैं, इसलिए मरे नहीं हैं।
अशोक कुमार पांडेय, वन उपनिरीक्षक
सरयू नदी मछलियां मरने की जानकारी मिली है। नदी में गंदा पानी कहां से छोड़ा गया, इसका पता लगाया जा रहा है। यदि किसी मिल के द्वारा छोड़ा गया है तो संबंधित मिल के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
भारत भार्गव, उपजिलाधिकारी
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