गोंडा। बिना ऑनलाइन आवेदन के किसी भी अध्यापक का अवकाश कतई स्वीकृत न किया जाए तथा बिना स्वीकृति के विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले अध्यापकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही जिले में संचालित हो रहे गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर ऐसे विद्यालयों को सीज करने की कार्रवाई की जाये।
यह निर्देश जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने कलेेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित बेसिक शिक्षा विभाग की जिला अनुश्रवण समिति की बैठक में दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि अब प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों में बिना ऑनलाइन आवेदन व स्वीकृति के कोई भी अध्यापक अवकाश पर नहीं जाएगा और न ही बिना ऑनलाइन आवेदन के किसी का अवकाश ही स्वीकृत किया जाय।
उन्होंने बीएसए को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्देशों का अनुपालन न करने वाले अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाय। वहीं समायोजन के सापेक्ष स्थानांतरित स्थलों पर अपनी ज्वॉइनिंग न देने वाले अध्यापकों को 15 सितंबर तक की मोहलत देते हुए उन्होंने बीएसए को आदेश दिए हैं कि 16 सितंबर की सुबह तक ज्वॉइन न करने वाले अध्यापकों की सूची निलंबन की कार्रवाई के साथ उन्हें उपलब्ध करा दें। जिलाधिकारी ने विगत वर्ष के सापेक्ष इस शिक्षा सत्र में नामांकन कम पाए जाने पर बीएसए को निर्देश दिए हैं कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करें।
बीएसए द्वारा समिति की बैठक में अवगत कराया गया कि अभी तक 70 प्रतिशत विद्यालयों में यूनिफॉर्म का वितरण कराया गया है, जबकि निरीक्षण करने वाले अधिकारियों द्वारा डीएम को अवगत कराया गया कि कई विद्यालयों में यूनिफॉर्म की क्वालिटी मानक के अनुरूप नहीं मिली। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश बीएसए को दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूलों में अध्यापकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराई जाए तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए सभी अध्यापक व अधिकारी रुचि लेकर काम करें। बैठक में एडीएम रत्नाकर मिश्र, एडी बेसिक विनय मोहन वन, बीएसए मनिराम सिंह, डीएसओ वीके महान, जिला विद्यालय निरीक्षक अनूप श्रीवास्तव, जिला समाज कल्याण अधिकारी मोतीलाल, पीडी सेवाराम चाौधरी, डीडीओ रजत यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।