नगर में जेल रोड स्थित 220 केवी बिजली कंट्रोल रूम में शुक्रवार को अचानक आग लग जाने से 52 लाख रुपये का पावर ट्रांसफार्मर धू-धू कर जल गया। गनीमत रही कि आग लगते ही पारेषण खंड विभाग के अधिकारियों ने पूरे जिले की बिजली कंट्रोल रूम से बंद कर दी, जिससे अग्निकांड की घटना विकराल रूप नहीं ले सकी। अन्यथा गोंडा समेत चार जिलों की बिजली आपूर्ति पर संकट खड़ा हो सकता था।
वहीं आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने पूरे कंट्रोल रूम के स्विचयार्ड को अपने कब्जे में ले लिया। दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
बताया जाता है कि जिस पावर ट्रांसफार्मर में आग लगी, उससे गोंडा शहर के दो फीडरों के साथ ही देहात क्षेत्र के गोंडा नार्थ फीडर की तकरीबन 40 हजार आबादी को बिजली की आपूर्ति की जाती है। ट्रांसफार्मर फुंकने से यहां की विद्युत आपूर्ति बाधित है। वहीं अग्निकांड की इस घटना के चलते समूचे शहर की बिजली भी चार घंटे के लिए बंद रही।
कंट्रोल रूम में लगे 10 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के फुंकने से न सिर्फ शहर की 20 हजार आबादी के सामने बिजली संकट खड़ा हो गया है। बल्कि देहात क्षेत्र में नार्थ फीडर के अंतर्गत आने वाले 200 से ऊपर गांवों की बिजली व्यवस्था भी ट्रांसफार्मर फुंकने से बेपटरी हो गई है। जिसकी कुल मिलाकर आबादी 40 हजार के करीब बताई जा रही है।
जेल रोड स्थित बिजली कंट्रोल रूम के स्विचयार्ड में लगे वितरण खंड के 10 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर पर अमूमन पीक आवर में 450 एम्पियर का लोड चलता था।
शुक्रवार को इस फीडर से गोंडा टाउन के दो फीडरों टाउन नंबर एक व दो का 200 एम्पियर लोड चल रहा था कि इसी बीच दो बजे जैसे ही गोंडा नार्थ फीडर की सप्लाई का लोड पावर ट्रांसफार्मर पर डाला गया कि अचानक तकनीकी खराबियों से पहले पावर ट्रांसफार्मर में तेज आवाज हुई।
जब तक वितरण खंड के कर्मचारी कुछ समझ पाते कि ट्रांसफार्मर में भरा आयल (तेल) टैंक फटने से चौतरफा फैल गया और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
बिजली कंट्रोल रूम के स्विचयार्ड में जले 10 एमवीए के पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना अबसे डेढ़ साल पहले 5 एमवीए के स्थान पर 10 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगाकर की गई थी। जिसके डेढ़ साल में ही आग लगने से फुंकने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जाता है कि 52 लाख रुपये के इस पावर ट्रांसफार्मर के मेंटीनेंस की सारी जिम्मेदारी टेस्ट डिवीजन के लोगों की होती है। जिन्हें हर हफ्ते ट्रांसफार्मर की चेकिंग कर उसकी कमियों को दूर करना होता है, ताकि पावर ट्रांसफार्मर फुंकने से बचे रहे सकें।