कच्ची शराब के खिलाफ मुहिम चलाकर गांव ही नहीं, आसपास के कई गांवों के लोगों को कच्ची शराब से निजात दिलाने वाली मोहिनी आजाद की लड़ाई आखिरकार रंग लाई। पुलिस ने मोहिनी से फोन पर छेड़खानी करने व पहचान छिपाकर धमकी देने वाले अज्ञात युवक के खिलाफ शनिवार को थाना मोतीगंज में रिपोर्ट दर्ज की है।
मोतीगंज थाना क्षेत्र के बनकटी सूर्यबली सिंह गांव की रहने वाली मोहिनी आजाद पिछले तीन साल से कच्ची शराब के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही हैं। इस अभियान से प्रभावित होकर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मोहिनी को अवार्ड व रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित कर चुके हैं।
मोहिनी ने बताया कि पांच दिन पहले 21 मार्च को कुछ लोगों ने उसके मोबाइल पर फोन कर उसे जान से मारने की धमकी दी और छेड़खानी की थी। मोहिनी ने इस मामले की शिकायत महिला हेल्पलाइन की सेवा 1090 समेत थाना मोतीगंज व एसपी तक से की थी।
शिकायत मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने तत्परता दिखाते हुए इसकी तहकीकात तो क्राइम ब्रांच से कराई, लेकिन मामले की रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में धानेपुर थाना क्षेत्र के दो गांवों से तीन युवकों को उठाया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज न होने से उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
शनिवार को मोहिनी आजाद की तहरीर पर थाना मोतीगंज में अज्ञात के खिलाफ छेड़खानी व पहचान छिपाकर धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष मोतीगंज उमेश बाजपेई ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
उधर, मोहिनी आजाद का कहना है कि पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती तो भी वह जहर का काला कारोबार करने वाले समाज के दुश्मनों से डरने वाली नहीं है। कच्ची शराब के खिलाफ उसका यह अभियान जारी रहेगा।