गोंडा। धानेपुर बिजली उपकेंद्र के इनकमिंग फीडर में आई तकनीकी खराबी से बाधित हुई बिजली दो दिन तक ठप रही। बिजली कर्मचारी 48 घंटे तक टार्च की रोशनी में फॉल्ट को तलाश करते रहे।
रविवार को ठप हुई बिजली आपूर्ति मंगलवार को फॉल्ट ठीक होने पर दोपहर बाद बहाल हो सकी। इस दौरान दो लाख की आबादी अंधेरे में रही। बिजली आपूर्ति बाधित होने के चलते विद्युत कर्मियों को स्थानीय उपभोक्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
धानेपुर बिजली उपकेंद्र में लगी अधिकतर मशीनें जर्जर हालत में हैं। आएदिन ये मशीनें खराब हो जाती हैं, और इलाके की बिजली गुल हो जाती है। उपभोक्ता इस व्यवस्था को बदलने की मांग कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
एक बार फिर से इनकमिंग फीडर में खराबी आने से पिछले तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है।रविवार को अचानक ब्लास्ट होने से उपकेंद्र का इनकमिंग फीडर खराब हो गया था, और विद्युत आपूर्ति ध्वस्त हो गई थी।
कर्मियों ने इसकी सूचना विभाग के आला अफसरों को दी, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अफसर ने ध्यान नहीं दिया। उपकेंद्र पर तैनात संविदाकर्मी रविवार से लेकर मंगलवार तक फीडर में आई खराबी की तलाश करते रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
रात में इन कर्मियों को टार्च व मोबाइल फोन की रोशनी में काम करना पड़ा। 48 घंटे के अथक परिश्रम के बाद मंगलवार की सुबह जब फॉल्ट मिला तो उसे सुधारने की कोशिश शुरू हुई। दोपहर बाद आखिरकार बिजली कर्मचारी मशीन को रिपेयर करने में कामयाब रहे। लेकिन जैसे ही आपूर्ति बहाल की गई वैसे मुख्यालय से उपकेंद्र की बिजली काट दी गई। फाल्ट की सूचना पर आंख बंद कर बैठे रहे अफसर रोस्टर लागू करना नहीं भूले।
उपभोक्ताओं को और भी दो घंटे तक बिजली आपूर्ति का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान पूरे 50 घंटे तक दो लाख की आबादी को अंधेरे मैं रहना पड़ा। विद्युत आपूर्ति ठप होने पर फॉल्ट मरम्मत के दौरान विद्युत कर्मियों को स्थानीय उपभोक्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
जेई अजय कुमार ने बताया कि इनकमिंग फीडर में तकनीकी खराबी आने से देवरिया अलावल व धानेपुर फीडर की आपूर्ति बंद थी। फॉल्ट को ठीक कर बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई है।