गोंडा। तीन साल पहले हुई हत्या के मामले में अभियुक्त पिता-पुत्र को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने आजीवन सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने की कुल धनराशि में से 50 फीसदी मृतक के पिता को मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करने का आदेश दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अमित पाठक ने बताया कि साल 2019 में 25 मई को वंशराज निवासी सधईपुरवा मौजा जमथरा ने थाना कौड़िया में तहरीर देकर कहा कि उसका बेटा वीर सिंह सुबह सात बजे रामदयाल की ढाबली पर बीड़ी खरीदने गया था। जहां रामदयाल के पड़ोसी राम आशीष उर्फ बुढ़ऊ व उसके पिता लालता प्रसाद ने रंजिश के कारण वीर सिंह पर कुदाल से हमला कर दिया। जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और आरोपी राम आशीष उर्फ बुढ़ऊ व लालता प्रसाद निवासी ग्राम सधईपुरवा मौजा जमथरा थाना कौड़िया के खिलाफ हत्या के पुख्ता सबूत के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान न्यायालय ने दोनों को दोषसिद्ध किया। इस पर मंगलवार को निर्णय देते हुए तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश अनामिका चौहान ने राम आशीष उर्फ बुढ़ऊ व उसके पिता लालता प्रसाद को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।