इटईमैदा स्थित बजाज चीनी मिल के खिलाफ शुक्रवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर किसानों ने उतरौला-बलरामपुर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इससे दो घंटे तक मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। प्रशासन के मान-मनौव्वल के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
जिला पंचायत सदस्य चंद्रप्रकाश पांडेय के नेतृत्व में उतरौला तहसील के दो दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर रमवापुर चौराहे पर बलरामपुर-उतरौला मार्ग जाम कर दिया। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
जिला पंचायत सदस्य ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि प्रधान देश होने के बावजूद यहां किसान आत्महत्या करने का विवश हैं। किसानों का पैसा पूंजीपति दबाए बैठे हैं। किसानों को चीनी मिलें गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर रही है। अपना पैसा पाने के लिए किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
किसान नेता आशीष श्रीवास्तव व आनंद स्वरूप ने कहा कि हम सभी को संगठित होने की जरूरत है। संगठन के बल पर ही हम शासन-प्रशासन को चुनौती दे सकते हैं। चेयरमैन अतीक खां ने कहा कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा 35 हजार किसानों का 61 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य दबाए बैठी है।
सरकार गन्ना मूल्य भुगतान कराने के बजाय मिल प्रबंधकों का बचाव कर रही है। प्रदर्शन में ग्राम बरायल, रमवापुर, रैंगवा, पड़री रामनाथ, नंदमहरा, राजपुर माफी, महिला, उतरौला व बकसरिया सहित दो दर्जन गांवों के किसानों ने प्रदर्शन कर गन्ना मूल्य भुगतान की मांग की।
प्रदर्शन के बाद किसान नेताओं ने तहसीलदार आरपी वर्मा को छह सूत्री ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर सिराजुद्दीन, रफीक खां, राम सागर, श्यामवती, रामरती, ललई, लिल्लाही व राहुल पांडेय आदि किसान मौजूद रहे।