गोंडा। नगर कोतवाली के छावनी सरकार गांव में जमीन हड़पने के लिए कथित तौर पर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र और कूटरचित स्टांप के सहारे दो बार बैनामा कराने का मामला सामने आया है। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के कंजेमऊ निवासी श्रीनिवास शुक्ल की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
श्रीनिवास के मुताबिक, विवादित भूमि में बृजमोहन सिंह और केसरी सिंह बराबर के हिस्सेदार थे। बृजमोहन सिंह ने अपने हिस्से की 0.239 हेक्टेयर भूमि 18 अक्तूबर 2021 को उनके पक्ष में बैनामा किया था। इसके बाद भूमि पर उनका कब्जा हो गया और राजस्व अभिलेखों में भी नाम दर्ज हो गया। आरोप है कि बाद में केसरी सिंह ने हरिशंकर सिंह, संजय कुमार और विजय प्रकाश मिश्र के साथ मिलकर बृजमोहन सिंह का कथित फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कराया। इसमें उनकी मृत्यु 20 दिसंबर 2012 दर्शाई गई, जबकि श्रीनिवास का दावा है कि बृजमोहन सिंह की मृत्यु 30 मार्च 2024 को लखनऊ में हुई थी। उन्होंने लखनऊ से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र में उनकी उम्र 62 वर्ष दर्ज होने का भी उल्लेख किया है। श्रीनिवास का आरोप है कि इसी कथित कूटरचना के आधार पर 11 नवंबर 2021 को तीनों आरोपियों के पक्ष में भूमि का बैनामा कराया गया। इसके बाद 28 अप्रैल 2025 को उसी भूमि का दोबारा बैनामा कराने का भी आरोप है। पीड़ित ने दूसरे बैनामे में इस्तेमाल किए गए स्टांप को कूटरचित बताया है। तहरीर के अनुसार, उपजिलाधिकारी सदर की जांच में संबंधित स्टांप कोषागार के अभिलेखों में दर्ज नहीं मिला था। इस संबंध में पांच जुलाई 2023 को जांच आख्या अपर जिलाधिकारी को भेजे जाने का उल्लेख किया गया है।एएसपी अजीत कुमार ने बताया कि नगर कोतवाली में इस मामले में एफआईआर दर्ज है। कोतवाली पुलिस आरोपों की विवेचना कर रही है।