हलधरमऊ/गोंडा। जब करोड़ों की जलापूर्ति परियोजनाओं में निर्माण के बाद से ही खराबी आने लगे तो ग्रामीणों की प्यास कैसे बुझेगी। ऐसे हालात देखकर ग्राम प्रधानों ने प्रोजेक्ट हस्तगत करने से इन्कार कर दिया। मेंटेनेंस न होने के चलते जलापूर्ति ठप पड़ी है।
जल जीवन मिशन के तहत हलधरमऊ ब्लॉक के दत्तनगर गांव में वर्ष 2017-18 में 2.45 करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी स्वीकृत हुई। तीन सौ से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया। वर्ष 2020 में निर्माण कार्य पूरा कर ट्रायल भी किया गया और दीवारों पर आपूर्ति का समय भी अंकित कर दिया गया।
लेकिन कार्यदायी संस्था की कथित लापरवाही और घटिया निर्माण के कारण पाइपलाइन में बार-बार लीकेज की समस्या सामने आई। कई स्थानों पर पाइप फटने से आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो सकी। प्रधान ने गुणवत्ता सुधार तक टंकी हस्तगत करने से इन्कार कर दिया।
सुदईपुरवा के शुभम मिश्र, खजांची मिश्र और पिंटू मिश्र का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उन्हें कभी नियमित पानी नहीं मिला। अवर अभियंता सरोज कुमार गुप्ता ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष से आपूर्ति पूरी तरह ठप है। परियोजना को दोबारा शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
पंचायतों में अव्यवस्था पर मांगी रिपोर्ट
डीपीआरओ लालजी दूबे ने पंचायतों में जलनिगम की अव्यवस्थाओं पर रिपोर्ट मांगी है। इस दौरान जलनिगम के अधिशासी अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि 160 परियोजनाएं पूरी करके ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। करीब 18 महीने से शासन स्तर से भुगतान नहीं किया गया है। जिन परियोजनाओं में 90 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है। ऐसे 120 परियोजनाओं का काम पूरा करके जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। अन्य कार्यों पर भी जल्द ही डिमांड भेजकर काम शुरू कराया जाएगा।