नवाबगंज के साकीपुर चहलावा में कटान से सरयू नदी में समा रहे खेत। - संवाद
विश्नोहरपुर/करनैलगंज। सरयू नदी में कटान तेज होने से साकीपुर के शुक्लपुरवा माझा में रहने वाले सभी छह ग्रामीणों के आवासीय छप्पर बह गए। वहीं, चहलावा में शुक्रवार रात रामजनक के दो छप्पर नदी में समा गए। शनिवार सुबह वह छप्पर के अवशेष बटोरते दिखे। रामजनक ने बताया कि रात में कटान होने से भूसा व उसमें रखा करीब तीन क्विंटल गेहूं बह गया।
चंद्राकार रूप में कटान का दायरा बढ़ रहा है। राजू यादव का पक्का मकान कटान से महज 10 मीटर दूर बचा है। रात में राम मिलन का पांच बीघा गन्ना व धान का खेत कट गया। राम मिलन ने बताया कि उनका करीब 14 बीघा का खेत इस बार कटान की चपेट में आ गया है। साकीपुर में छह परिवार सरयू तट के पास छप्पर रखकर गुजर-बसर कर रहे थे। सतनाम, राममूरत, शेषकुमार, राम मनोरथ समेत सभी छह लोगों के छप्पर कटान होने से नदी में समा गए। अब वहां पानी ही पानी नजर आ रहा है। पलायन कर सभी लोग सड़क व अन्य स्थानों पर डेरा डाले हैं। पूर्व प्रधान छोटेलाल यादव ने बताया कि यहां छह लोगों का परिवार रहता था। सभी के छप्पर नदी में समा गए। लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा का कहना है कि सभी पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा। जल्द ही आकलन कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। एसडीएम तरबगंज विश्वमित्र सिंह ने बताया कि जानकारी की जा रही है।
दो घंटे में एक सेमी बढ़ रहा जलस्तर
करनैलगंज में सरयू नदी ने एक बार फिर से बढ़त की रफ्तार पकड़ ली है। खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे पहुंच चुकी नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। शनिवार शाम नदी खतरे के निशान से मात्र 18 सेंटीमीटर नीचे रह गई। नदी का जलस्तर शाम चार बजे 105.890 मीटर रिकॉर्ड किया गया। प्रति दो घंटे में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। डिस्चार्ज भी पौने तीन लाख क्यूसेक से बढ़कर 3.41 लाख क्यूसेक पहुंच गया है। सरयू के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ग्रस्त रहे गांवों के ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है।
करनैलगंज एसडीएम जितेंद्र गौतम का कहना है कि जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट जारी किया गया है। लगातार नजर रखी जा रही है। अभी किसी गांव में पानी नहीं घुसा है।