गोंडा। सरयू नदी के जलस्तर घटने के बाद बाढ़ का दायरा भी घटा है। गांवों से पानी तो बाहर निकल गया, लेकिन बड़े पैमाने पर खेतों में कटान हुआ है। इससे किसानों के सामने परेशानी बढ़ी है। अभी 151 किसानों को ही बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा प्रशासन ने दिया है। प्रशासन ने पानी घटने के साथ ही सर्वे का निर्देश दिया है, जिससे किसानों को मुआवजे का भुगतान किया जा सके।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने नुकसान के सर्वे का निर्देश दोनों तहसीलों के अधिकारियों को दिए हैं। जिसमें जिन परिवारों के घर कटान से बहे हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से घर दिया जाना है। प्राकृतिक आपदा में आवास योजना का लाभ दिए जाने की व्यवस्था है। इस बार 540 लोगों को मुख्यमंत्री आवास का लाभ दिए जाने की स्वीकृति मिली है। इसी तरह पानी कम होने के बाद ऐसे पात्रों की सूची का सत्यापन कराया जाएगा। अब नुकसान की भरपाई का काम शुरू होगा। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है, अब नदी खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर नीचे पहुंच चुकी है। इससे बाढ़ से तो राहत है, तटबंध की ओर बढ़ रही नदी के तेवर भी ढीले हो गए हैं। नवाबगंज क्षेत्र के तुलसीपुर माझा में मंगलवार को कैसरगंज सांसद करनभूषण सिंह ने बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री वितरित की। तुलसीपुर माझा में 530, तुरकौली गांव में 450 और बालापुर गांव में 600 राशन किट का वितरण हुआ। सांसद ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद दी जा रही है। एसडीएम विशाल कुमार ने बताया कि बाढ़ कम होने के बाद संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।