गोंडा। तेजी से घट रहे जलस्तर से सरयू के तटवर्तीय इलाकों में कटान तेज हो गया है। इस कारण तरबगंंज तहसील के कई गांवों की सड़के भी क्षतिग्रस्त हो गई है। नदी का पानी कटान करता हुआ तेजी से तटबंध की तरफ बढ़ रहा है। कटान रोकने के लिए प्रशासनिक टीम ने ग्राम बहुवन मदार माझा के पास बल्ली पायलिंग का काम भी शुरू कर दिया है।
बृहस्पतिवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 72 सेंटीमीटर नीचे था। पानी का डिस्चार्ज भी घटकर सवा लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है। इससे तटवर्तीय इलाकों में कटान तेज हो गई है। नवाबगंज में ढेमवा मार्ग दो साल से टूटा पड़ा है। इस बार की बाढ़ ने ढेमवा मार्ग के साथ ही साथ गावों के संपर्क मार्गों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। ढेमवा पुल से 400 मीटर पहले कटा मुख्य मार्ग इस बार फिर नदी की धारा में करीब 10 मीटर तक कट गया है। इसके अलावा इंदरपुर, नकहरा को जाने वाली सड़क करीब 40 मीटर तक कट जाने के बाद अब सिर्फ पटरी बची है।
ब्यौंदा माझा को जाने वाला मार्ग भी कटान के कारण क्षतिग्रस्त गया है। दत्तनगर में जिवरक्खन पुरवा को जाने वाली सड़क तीन जगह कट गई है। बनगांव, साकीपुर के टाड़ी, तुलसीपुर माझा, गोकुला, जैतपुर व माझाराठ में भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके साथ ही कई किसानों के खेत भी नदी में समा चुके हैं।
बाढ़ प्रभावित गांव नकहरा और बहुवन बाजार माझा, माझा रायपुर में पानी निकलने के बाद कीचड़ और दलदल के कारण ग्रामीणों की वापसी नहीं हो पा रही है। उप जिलाधिकारी भारत भार्गव का कहना है कि बाढ़ से नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीम को लगाया गया है। पानी घट रहा है, ऐसी स्थिति में फसल और धन हानि के साथ अन्य नुकसान का आकलन होने के बाद बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा राशि दिलवाई जाएगी।