गोंडा। विद्युत वितरण खंड प्रथम में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को उपभोक्ता से बिजली बिल भुगतान की रकम लेकर रसीद नहीं देना भारी पड़ गया। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन की जांच रिपोर्ट के आधार पर सोमवार को संबंधित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परितोष शुक्ल को निलंबित कर दिया।
मुख्य अभियंता ने बताया कि बिजली बिल राहत योजना चल रही है। रमपता देवी ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परितोष शुक्ल की शिकायत की थी। आरोप लगाया कि परितोष ने 31,920 रुपये लेने के बाद बिजली बिल की रसीद नहीं दी। पीड़िता का फोन उठाना भी बंद कर दिया। मुख्य अभियंता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक्सईएन राधेश्याम भास्कर को जांच के आदेश दिए। जांच में प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर परितोष पर कार्रवाई की गई है। मुख्य अभियंता ने कहा कि उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं से कहा कि विभाग के काउंटर के साथ ही सीएससी या विद्युत सखी के माध्यम से बिल का भुगतान करें।
पंजीकरण के 30 दिन में कर सकते हैं भुगतान
अधिकारियों ने बताया कि बिजली बिल राहत योजना के तहत पहले चरण में अधिकतम लाभ लेने के लिए उपभोक्ता 31 दिसंबर तक पंजीकरण करा सकते हैं। उन्हें 30 दिन के भीतर भुगतान करना होगा। ऐसे में उपभोक्ता 100 प्रतिशत सरचार्ज और 25 प्रतिशत मूल बिल में छूट हासिल कर सकेंगे। मुख्य अभियंता ने बताया कि अब कुल 1.28 लाख उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है।