गोंडा। अदम गोंडवी खेल मैदान पर बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से हिंदू सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख स्वांत रंजन ने हिंदू एकता पर बल देते हुए कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में समाज के समग्र परिवर्तन के लिए पंच परिवर्तन को जीवन में उतारना जरूरी है।
प्रचार प्रमुख ने कहा कि भारत विश्व का प्राचीनतम राष्ट्र है। हमें पुनः उसी गौरव को प्राप्त करना है। यह सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली और नागरिक कर्तव्य जैसे पंच परिवर्तन से ही संभव है। सामाजिक समरसता के माध्यम से जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर समरस समाज का निर्माण होगा। कुटुंब प्रबोधन से परिवार भारतीय संस्कृति के केंद्र बने रहेंगे। पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करना होगा। स्वदेशी जीवनशैली से आत्मनिर्भर भारत को गति मिलेगी, जबकि नागरिक कर्तव्यों के पालन से राष्ट्र की नींव मजबूत होगी।
राष्ट्र जागरण मंच की अखिल भारतीय संयोजक और सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता सुबुही खान ने भारत के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की सभ्यता हजारों वर्षों पुरानी है और उसने विश्व को ज्ञान, दर्शन और जीवन मूल्यों की दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जहां लगभग 60 प्रतिशत भूमि आज भी उर्वर है, जो इसकी कृषि प्रधान संस्कृति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विविधता के बावजूद एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति रही है और इसी ने देश को सदैव जीवंत बनाए रखा है।
अयोध्या से आए बधाई पीठाधीश्वर राजीव लोचन शरण जी महाराज ने कहा कि सनातन परंपरा समाज को जोड़ने वाली मूल शक्ति है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे करगिल योद्धा विजय सिंह ने लोगों को घरों में शास्त्र के साथ शस्त्र रखने को कहा। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने एक भावपूर्ण नाटक प्रस्तुत किया। जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह, राम प्रकाश गुप्त, श्रीमान सिंह, प्रवीण जी, अश्विनी शुक्ल, ज्योति पांडेय, रणविजय सिंह, अलका पांडेय, धर्मेंद्र पांडेय, बृजेश द्विवेदी, धीरज दूबे, हनुमान सिंह बिसेन, अशोक सिंह, केके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।