गोंडा। जिले में अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) एजुकेटरों की भर्ती को लेकर नौ माह से चला आ रहा इंतजार बुधवार को समाप्त हो गया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान चयनित 210 अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटन के साथ नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से अभ्यर्थियों के चेहरे खिल गए।
प्रथम चरण में 210 ईसीसीई एजुकेटरों की तैनाती प्रस्तावित थी। इनमें से 14 एजुकेटरों को पीएमश्री विद्यालयों में तथा 196 एजुकेटरों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे उनकी शैक्षणिक नींव को मजबूत किया जा सके।
ईसीसीई एजुकेटरों की तैनाती से जिले में प्रारंभिक बाल शिक्षा को मजबूती मिलेगी व निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी। इनका मुख्य दायित्व बच्चों को खेल-आधारित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना होगा।
-प्रेमशंकर मिश्र, जिला समन्वयक
विशेष रूप से पांच से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को लक्ष्य बनाकर निपुण भारत मिशन के अंतर्गत भाषा विकास, प्रारंभिक गणना ज्ञान, संख्यात्मक समझ व अन्य बुनियादी साक्षरता कौशल को विकसित किया जाएगा। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम प्राथमिक शिक्षा स्तर पर देखने को मिलेंगे।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए