गोंडा। बाढ़ की आशंका के मद्देनजर डीएम नेहा शर्मा के निर्देशन में नई पहल की गई है। एल्गिन ब्रिज व चरसड़ी तटबंध के तीन प्रमुख स्थलों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही एक कैमरा सकरौर भिखारीपुर क्षेत्र में भी लगाया गया है। इन कैमरों की रियल टाइम निगरानी अब सीधे जिलाधिकारी कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम से की जा रही है, जिससे आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
डीएम ने बताया कि तकनीक के सहयोग से अब बाढ़ राहत और बचाव कार्य पहले से कहीं अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावशाली हो सकेंगे। हमारा उद्देश्य जन-जीवन की रक्षा और क्षति को न्यूनतम करना है। आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने भी बताया कि यह कदम बाढ़ नियंत्रण की दिशा में एक मॉडल पहल है, जिससे सतत निगरानी हो सकेगी।
कटान में समाए पेड़
विश्नोहरपुर (गोंडा)। साकीपुर के चहलावा निवासी राम मिलन का कहना है कि तीन आम के पेड़ अब तक पानी में समा चुके हैं। गन्ने का खेत पखवारे भर से कट रहा है। शुक्ल पुरवा माझा में बालकराम के दो छप्पर भी नदी में समा गए हैं। एक हटा लिया गया।