गोंडा। धानेपुर और मेहनौन में आंधी व बारिश से ठप हुई बिजली आपूर्ति एक सप्ताह में भी बहाल नहीं कराने पर क्षेत्र के एसडीओ व दो जेई के शहर स्थित आवासों की रविवार रात पावर कॉर्पोरेशन ने बिजली काट दी। लगातार बिजली बाधित आपूर्ति रहने से उपभोक्ताओं के बढ़ते आक्रोश और एसडीओ व दोनों जेई की लापरवाही उजागर होने पर विभाग ने ये कार्रवाई की है। हालांकि, इसके बाद दोनों विद्युत उपकेंद्रों के सभी फीडरों को चालू करने का दावा किया गया लेकिन कई गांवों और ब्रांच लाइनों में सोमवार देर शाम तक आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी।
चार मई को आंधी और बारिश के चलते देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में बिजली के खंभे, तार व ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बाधित हो गई थी। तमाम शिकायतों व मुख्य अभियंता के सख्त निर्देशों के बाद भी धानेपुर व मेहनौन में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। समीक्षा में एसडीओ व दो अवर अभियंताओं की लापरवाही उजागर हुई थी।
इस पर रविवार रात धानेपुर व मेहनौन के अवर अभियंता ज्ञानेश चौहान व अवनीश पांडेय तथा संबंधित क्षेत्र के एसडीओ शेषमणि त्रिपाठी के शहर स्थित आवासों की बिजली चेतावनी स्वरूप काट दी गई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संबंधित अधिकारी क्षेत्र में न रहकर मुख्यालय पर निवास कर रहे थे और यदि समय रहते गंभीरता दिखाई जाती तो उपभोक्ताओं को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि मुख्य अभियंता के निर्देश के बाद युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य कराया गया। देर रात तक बिजली के खंभे लगाए गए, ट्रांसफार्मर और लाइनें दुरुस्त कराई गईं तथा फीडरों को चालू कराया गया। उन्होंने बताया कि सभी फीडर संचालित कर दिए गए हैं लेकिन ब्रांच लाइनों में अभी भी मरम्मत का कार्य जारी है। पूरी तरह आपूर्ति सामान्य होने में दो से तीन दिन और लग सकते हैं। प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें लगाकर लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने कहा कि जनहित के कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई अधिकारी संवेदनहीनता दिखाता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अब भी बिजली संकट से जूझ रहे हैं कई गांवों के लोग
पावर कॉर्पोरेशन के दावों के बावजूद धानेपुर और आसपास के कई गांवों में सोमवार देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। धानेपुर नगर पंचायत के वार्ड-7 निवासी राजकुमार ने बताया कि चार मई को आंधी और बारिश के दौरान उनके क्षेत्र में बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाई है। वार्ड-5 निवासी दिलीप वर्मा ने कहा कि कई बार अधिकारियों को फोन किया गया लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। धौरहरा, राजापुर, श्रीनगर, त्रिभुवननगर, गोकुल नगर समेत कई गांवों में लोग अब भी बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव
बिजली संकट को लेकर सोमवार को राष्ट्रीय छात्र पंचायत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के जेई और एसडीओ उपभोक्ताओं का फोन तक नहीं उठा रहे हैं। सात दिन से लाखों लोग बिजली संकट झेल रहे हैं लेकिन विभाग की ओर से समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शुक्ल ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था पूरी तरह बहाल नहीं हुई और भ्रष्टाचार की जांच नहीं कराई गई तो संगठन जिलेभर में आंदोलन करेगा। घेराव के दौरान शैलेश प्रताप सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, दिलीप मिश्र, कृष्णा राजपूत, नीतीश वर्मा, दीनानाथ वर्मा, शुभम तिवारी, हर्षित श्रीवास्तव, अवधेश तिवारी आदि मौजूद रहे।