जिला पंचायत सभागार में प्रधानाचार्यों को जानकारी देते जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह व सिस
गोंडा। ‘सर, स्कूल में 20 दिन से बिजली नहीं है। बच्चों के टॉयलेट में पानी तक नहीं मिल पा रहा है। जेई से लेकर एक्सईएन तक गुहार लगा चुकी हूं लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। ऐसे में छात्रवृत्ति का काम कैसे आगे बढ़ाया जाए...।’ मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित छात्रवृत्ति बैठक में राजकीय हाईस्कूल सिसई टिकरिया की प्रधानाचार्य अमिता पांडेय ने बिजली संकट की यह समस्या अधिकारियों के सामने रखी।
प्रधानाचार्य ने बताया कि करीब 20 दिन पहले विद्यालय के पास लगे बिजली के दो खंभे टूटकर गिर गए थे। इसके बाद से विद्यालय की बिजली आपूर्ति ठप है। इन्वर्टर भी जवाब दे चुका है। बिजली न होने से पानी की मोटर नहीं चल रही है, जिससे छात्र-छात्राओं के टॉयलेट में पानी की व्यवस्था प्रभावित है। ऑनलाइन छात्रवृत्ति संबंधी काम भी प्रभावित हो रहा है। विद्यालय में कक्षा नौ और 10 के 114 विद्यार्थी पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि बिजली की समस्या दूर नहीं हो रही है। अधिकारियों ने बच्चों के हित में बिजली व्यवस्था जल्द दुरुस्त कराने का भरोसा दिया।
30 प्रतिशत आवेदन ही अग्रसारित
बैठक में छात्रवृत्ति आवेदनों के अग्रसारण की धीमी गति पर नाराजगी जताई गई। सोमवार को 131 प्रधानाचार्य बैठक में पहुंचे थे, जबकि मंगलवार को केवल 35 ही पहुंचे। जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने विद्यालयों से छात्रवृत्ति कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अब तक करीब 30 प्रतिशत आवेदन ही अग्रसारित हुए हैं। दो दिन में सभी डाटा अग्रसारित कराने का लक्ष्य है। दो अक्तूबर को छात्रवृत्ति वितरण प्रस्तावित है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 22,678 विद्यार्थियों ने अंतिम आवेदन किया है। अब विद्यालय और कॉलेज स्तर पर सत्यापन व अग्रसारण की प्रक्रिया चल रही है।
जिला पंचायत सभागार में प्रधानाचार्यों को जानकारी देते जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह व सिस