फोटो-4-गोंडा के आंबेडकर चौराहा स्थित बिजली उपकेंद्र। -संवाद
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गोंडा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कटौती बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। इससे लोग परेशान हैं। गर्मी में 12-13 घंटे की अघोषित कटौती से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। गांवों में रोजाना आठ से नौ घंटे ही बिजली मिल रही है। फाल्ट के कारण कटौती और बढ़ जाती है।
गांवों में 18 घंटे तक बिजली की आपूर्ति के आदेश हैं। एक तो गर्मी और दूसरी ओर बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली कट जाने पर मच्छर भी लोगों को परेशान कर रहे हैं। गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के कारण भी कटौती अधिक हो गई है।
मसकनवा के ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति के समय में भी बिजली की अघोषित कटौती की जा रही। गर्मी के दिनों में लोड बढ़ने के कारण बिजली के जर्जर तार कट जा रहे हैं वहीं आए दिन ट्रांसफॉर्मर फुंकने की समस्या बढ़ गई है जिससे मुश्किल से आठ से नौ घंटे तक ही बिजली की आपूर्ति हो रही है। बालपुर क्षेत्र में बिजली आने जाने का कोई समय नहीं है। दो घंटा दिन में पांच घंटे रात में बिजली की आपूर्ति हो रही है। उसमें भी कई बार कटौती होती है। बालपुर उपकेंद्र की स्थापन 16 साल पहले हुआ था। सप्लाई देने वाले तार जर्जर हो गये हैं। तारों के बार बार टूटने से बिजली सप्लाई में समस्या होती है तथा बालपुर कस्बे में वोल्टेज भी लो रहता है।
विद्युत उपखंड मनकापुर से विदानगर व मोतीगंज फीडर को मिलने वाली सप्लाई अघोषित कटौती का शिकार हो जाती। यहां हर रोज मुश्किल से आठ घंटे तक ही बिजली मिल पाती। जिससे उपभोक्ताओं को गर्मी से बेहाल होना पड़ रहा है। मोतीगंज फीडर के अवर अभियंता बृजनंदन यादव का सीओजी नंबर अक्सर बंद रहता जिससे उपभोक्ताओं को बिजली संबधी शिकायत या जानकारी मिलने में समस्या हो रही है। तरबगंज तहसील मुख्यालय पर अघोषित बिजली कटौती तथा लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती।
नवाबगंज विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत दुर्जनपुर घाट कस्बे में पिछले सप्ताह केबल जल जाने से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिससे करीब दस हजार उपभोक्ताओं को सप्ताह भर से अंधेरे में रहना पड़ रहा है। वजीरगंज क्षेत्र में बिजली के आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। आपूर्ति के समय में अक्सर अघोषित कटौती होती रहती है। वहीं लो वोल्टेज से पंखा व कूलर ठीक से हवा नहीं दे रहे हैं। अघोषित कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने कई बार प्रदर्शन भी किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में छह घंटे बिजली कटौती का समय निर्धारित है, इसके अतिरिक्त लाइन में फाल्ट आ जाने के कारण कटौती करनी पड़ रही है। जर्जर तारों को बदलवाया जा रहा है जिससे उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती से छुटकारा मिल सके। रणवीर सिंह, अधिशासी अभियंता