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गांवों में चार घंटे बिजली, बिजली कटौती को लेकर हाहाकार

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गोंडा। भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से जिले में हाहाकार मचा हुआ है। शहर हो या गांव बिजली न आने से लोगों का दिन में आराम और रात की नींद हराम हो रही है। गांवों में तो बमुश्किल चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे लोगों के मोबाइल तक नहीं चार्ज हो पा रहे है। अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोग जनप्रतिनिधियों से बिजली आपूर्ति में सुधार कराने की गुहार लगा रहे हैं। इसे लेकर जिले के दोनों सांसदों ने पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग की है।
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गर्मी की शुरुआत होते ही जिले में बिजली का संकट शुरू हो गया। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली कटौती भी बढ़ती गई। नतीजतन अब गांवों में बमुश्किल चार घंटे की सप्लाई मिल पा रही है। कभी-कभी लोकल फाल्ट ढूंढने के नाम पर पूरी रात बिजली गुल रहती है। जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को भी सिंचाई करने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक बिजली कटौती की जा रही है। मनकापुर कस्बा व ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है। मसकनवा विद्युत उपकेंद्र के खालेगांव, बगदर, भोपतपुर, गौराचौकी, छपिया फीडर पर पांच से छह घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। आपूर्ति के समय भी लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।
अवर अभियंता अमित कुमार पटेल ने बताया की बिजली कम मिलने के कारण आपूर्ति में समस्या होती है। ट्रांसफार्मर में खराबी आने तथा जर्जर तारों के टूटने के कारण भी आपूर्ति बाधित होती है। शुक्लगंज से बेलसर, रगड़गंज, गोपीपुर, डिडिसिया कला, मंगुरा बाजार सहित करीब 54 ग्राम पंचायतों में आपूर्ति की जाती है। यहां मात्र छह घंटे ही सप्लाई मिल रही है। बेलसर विकासखंड मुख्यालय पर भी विद्युत आपूर्ति न मिलने से लोग परेशान हैं। कटरा बाजार में चार से पांच घंटे ही सप्लाई मिलती है। मंगलवार रात से ही क्षेत्र में कई स्थानों की सप्लाई बंद है। इससे लोगों के मोबाइल फोन तक बंद रहे। नगर के पिंटू रस्तोगी, रामबाबू गुप्ता, इमरान खान, आलोक, विकास, हर्षित, नितिन, पकज दूबे ने जल्द बिजली आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
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अवर अभियंताओं के बंद रहते फोन
भीषण गर्मी में बिजली कटौती से उपभोक्ता छटपटाते रहते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों को रात-रातभर जागकर काटनी पड़ रही है। वहीं, उपभोक्ताओं का कहना है कि अवर अभियंता व कर्मचारी तो फोन ही नहीं उठाते हैं। कंट्रोल रूम तक पर फोन नहीं उठाया जाता है। इटियाथोक उपकेंद्र के उपभोक्ता शुभम कहते हैं कि शुक्रवार को दिन में लंबी कटौती करने के बाद रात में भी बिजली नहीं आई। जेई को करीब 20 बार कॉल की लेकिन फोन नहीं उठा। कुछ देर बाद उनका नंबर ऑफ आने लगा।
सांसदों ने लिखा पत्र
भीषण बिजली कटौती को लेकर भाजपा के गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह व कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर विद्युत आपूर्ति में सुधार की मांग की है। सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने लिखा कि उनके लोकसभा क्षेत्र में उपभोक्ताओं को बमुश्किल पांच से छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वहीं, रात में वोल्टेज बहुत कम रहता है। जिससे किसानों, व्यापारियों के साथ ही आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली दिए जाने की मांग की है।
भीषण गर्मी में बिजली की मांग अचानक बढ़ने से समस्या हुई है, लेकिन अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जल्द ही आपूर्ति सामान्य होने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। रमेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता
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