उमरीबेगमगंज (गोंडा)। उमरी बाबा कुटी में बृहस्पतिवार सुबह आग लगने से आठ घरों की गृहस्थी का सारा सामान जल गया। इसमें 26 बकरियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। गाय, युवक और बुजुर्ग झुलस गए। बुजुर्ग देवी प्रसाद (65) को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे उमरी बाबाकुटी निवासी बुजुर्ग देवी प्रसाद के घर से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। वह छप्पर के नीचे ही फंस गए। ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें निकाला, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस गए। एबुलेंस बुलाकर ग्रामीण पहले उन्हें बेलसर सीएचसी ले गए। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
आग की चपेट में आने से जगदंबा, धर्मपाल, मिंता, बृजेश, प्रीती, शांति और बाबादीन के छप्पर भी जलने लगे। लोगों ने आग पर काबू करने का प्रयास किया। सफलता नहीं मिली तो फायर कंट्रोल रूप में सूचना दी। दमकलकर्मी जब तक पहुंचते तब तक सभी घरों में रखा अनाज, नकदी व जेवर समेत गृहस्थी का सारा सामान जल चुका था। यही नहीं, छप्पर में बंधी मिंता की चार, बृजेश की दो व शांति की 20 बकरियां जिंदा जल गईं। प्रीती की गाय झुलस गई। बाबादीन का पशुशेड जल गया। आग बुझाते समय गांव के सुनील झुलस गए। तरबगंज, करनैलगंज और गोंडा से पहुंचीं दमकल टीमों ने कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। हल्का लेखपाल रामेश्वर तिवारी ने बताया कि सूचना के बाद मौके की जांच पड़ताल की गई है। साथ ही नुकसान का आकलन किया गया है। छानबीन की जा रही है।
घंटों तक मची रही अफरा-तफरी
आग लगने से गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा। दूरी अधिक होने के कारण दमकलकर्मी करीब एक घंटे के बाद पहुंच सके। हालांकि आग की लपटों को देखकर तरबगंज, करनैलगंज और गोंडा के फायर स्टेशन से गाड़ियां भेजी गईं। एसडीएम तरबगंज राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि पीड़ितों को मदद पहुंचाई जा रही है।