गोंडा। जिले में अनाज वितरण के लिए शुरू हुई नई व्यवस्था पहले दिन से फेल नजर आ रही है। ई-वेइंग मशीन में तकनीकी समस्या आने के कारण सोमवार को चौथे दिन भी राशन कार्ड धारकों को लौटना पड़ा। यहीं नहीं, 417 मशीनें तो ऑन ही नहीं हुई, अन्य स्थानों पर भी सर्वर की समस्या हावी रही। ऐसे में मार्च महीने में 26.60 लाख लाभार्थियों को राशन बांट पाना बड़ी चुनौती बन गया है।
बता दें कि 15 मार्च से नई व्यवस्था ई-वेइंग मशीन से 1392 कोटे की दुकानों पर वितरण शुरू होना था। यह व्यवस्था तकनीकि खामियों व खराब सर्वर की भेंट चढ़ गई। पहले दिन अधिकांश मशीनें बंद रहीं। सोमवार को व्यवस्था में कुछ सुधार तो हुआ, लेकिन अभी भी 417 मशीने बंद पड़ी हैं। जो मशीनें चल रही हैं उनसे भी वितरण ठीक से नहीं हो पा रहा है। कहीं अंगूठा लगाने के बाद ओटीपी नहीं आता है तो कहीं पावती पर्ची न निकलने से अनाज खारिज नहीं हो रहा। सोमवार को भी दिनभर प्रयास करने के बाद भी कोटेदार वितरण नहीं कर पाए। कई घंटे इंतजार करने के बाद राशन कार्ड धारक लौट गए।
राशन कार्ड धारक सुनीता ने बताया कि दो घंटे में एक-दो लोगों की तौल हो पाती है। सर्वर इतना धीमा है कि पूरे दिन में 10-12 लोगों को ही राशन मिल पाता है। इंद्रापुर कोटेदार नूरआलम ने बताया कि बहुत देर तक सर्वर ही कनेक्ट नहीं हो पाया। चला भी तो पर्ची नहीं निकली। इसी प्रकार विशुनपुर वैरिया, शहर के दयानंद नगर सहित अधिकांश स्थानों पर समस्या रही।
समस्या को लेकर डीएसओ से मिले पूर्ति निरीक्षक
सर्वर की समस्या को लेकर पूर्ति निरीक्षकों के पास लगातार कोटेदारों व राशनकार्ड धारकों के फोन आ रहे हैं।सोमवार को जिलेभर के पूर्ति निरीक्षकों ने डीएसओ कृष्ण गोपाल पांडेय से मिलकर क्षेत्रीय समस्या बताई। डीएसओ ने उच्च अधिकारियों को सूचना देकर सर्वर में सुधार लाने का अश्वासन दिया।
फैक्ट फाइल:
कुल राशन कार्ड: 601255
कुल यूनिट लाभार्थी- 26,60,519
ई-वेइंग मशीन लगी कुल कोटे की दुकान- 1392
वितरण की निर्धारित तारीख: 29 मार्च तक
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जल्द होगा सर्वर में सुधार
जिले में 1392 ई-वेइंग मशीन लिंकबेल कंपनी की ओर से इनस्टॉल की गई हैं, जिसमें 975 मशीनों से तौल शुरू हो गई है। अन्य मशीनों में तकनीकी समस्या आ रही है। सर्वर भी बड़ी समस्या बना हुआ है। लखनऊ के इंजीनियर सर्वर को सुधारने में लगे हुए हैं। जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
-कृष्ण गोपाल पांडेय, पूर्ति निरीक्षक