गोंडा। एक तरफ गर्मी की विभीषिका में आमजन से लेकर पशु-पक्षी तप रहे हैं। दूसरी ओर चुनाव के बाद जिम्मेदार महकमा छुट्टी की मूड में नजर आ रहा है। आलम यह है कि खुद जिलाधिकारी का आदेश महज कागजों तक सीमित रह गया है। बालपुर, मनकापुर समेत सभी ब्लॉकों में पेयजल के लिए आमजन से लेकर पशु-पक्षी तक तरस रहे हैं।
पंचायतीराज विभाग जिले की 1192 ग्राम पंचायतों में आमजनों से जरूरी सुविधाएं मुहैया करा रहा है। भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने आठ मई को आमजन और पशु-पक्षियों को सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सूखे अमृत सरोवर व तालाब में पानी भरवाने और इंडिया मार्का हैंडपंप ठीक कराने के लिए आदेश जारी किया था। चुनाव की तैयारियों के बीच जिलाधिकारी स्तर से सीधे खंड विकास अधिकारी व सहायक विकास अधिकारियों को आदेश जारी किया गया। मगर मनकापुर के महादेवा गांव, बालपुर, रुपईडीह, तरबगंज, इटियाथोक, धानेपुर, नवाबगंज समेत जिलेभर में हजारों तालाब व अमृत सरोवर और इंडिया मार्का हैंडपंप सूखे पड़े हैं।
पिछले दिनों में रोजाना तापमान का पारा चढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। आगे के दिनों में लगातार बढ़ने के आसार भी हैं। शीतल जल और छाया तलाश कर लोग किसी तरह बचाव कर रहे हैं। मगर जिम्मेदार गर्मी की तपिश से अंजान बने हैं। हैंडपंप मरम्मत का काम देख रहे डीपीएम चंद्रसेन का कहना है कि रिबोर व मरम्मत योग्य हैंडपंपों की जानकारी नहीं है।
डीपीआरओ लालजी दूबे का कहना है कि पंचायतों के पास पर्याप्त फंड है। राज्य वित्त आयोग की कार्ययोजना में शामिल कर आपातकालीन जरूरतों के लिए पंचायतों के बजट में शामिल किया जा सकता है। पंचायत स्तर पर अन्य स्रोतों से अमृत सरोवर व तालाबों में पानी का इंतजाम किया जा सकता है। छुट्टी के चलते सोमवार को रिपोर्ट तलब करेंगे।
डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि सभी को आदेश जारी किए गए हैं। अमृत सरोवर व तालाब अधिकतर वर्षा आधारित हैं। ऐसे में पंचायतों के साथ ही राजकीय नलकूप व सिंचाई विभाग को भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।