गोंडा। मजबूत इरादों व कठिन परिश्रम के बल पर हर चुनौती को मात दी जा सकती है। सदर तहसील की रहने वाली डॉ. अमृता नीलम शुक्ला इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। पिता के असमय निधन और आर्थिक व पारिवारिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने डॉक्टर बनने के सपने को टूटने नहीं दिया। आज वह न केवल एक सफल चिकित्सक हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता की मिसाल भी बन चुकी हैं।
डॉ. अमृता नीलम शुक्ला अब ग्रामीण स्वास्थ्य को लेकर लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय से फेलोशिप करेंगी। अगस्त में अमृता लंदन जाएंगी। वर्तमान में सीएमओ कार्यालय में कार्यरत डॉ. अमृता ने ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता का अनूठा अभियान शुरू किया है। उन्होंने लगभग 250 महिलाओं का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है, जहां महिलाएं अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं साझा करती हैं। डॉ. अमृता उन्हें मुफ्त ऑनलाइन परामर्श देने के साथ बीमारी की रोकथाम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया, मासिक धर्म स्वच्छता और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर नियमित जागरूक भी करती हैं।
हर महीने 200 से अधिक महिलाओं को इस पहल के माध्यम से परामर्श मिल रहा है। इससे कई महिलाओं को समय रहते सही सलाह और उपचार मिल पा रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आया है। अमृता को जिला विज्ञान क्लब से दो बार सम्मान मिल चुका है। वहीं बाल वैज्ञानिक पुरस्कार, राजीव अक्षय ऊर्जा सम्मान व एमबीबीएस में भी गोल्ड मेडल मिल चुका है।