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Gonda News: हर तीसरे मरीज को बाहर की दवाएं लिख रहे डॉक्टर

Fri, 07 Nov 2025 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। - संवाद
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज में हर तीसरे मरीज को डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। अस्पताल के परचे पर सरकारी फार्मेसी की दवाएं लिखने के बाद छोटी पर्ची पर बाहर के मेडिकल स्टोर की दवाएं लिखी जा रही हैं। इससे मरीजों को महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं।
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शुक्रवार सुबह 11 बजे मेडिकल कॉलेज की फार्मेसी के बाहर महिलाओं व पुरुषों की लाइन लगी रही। अधिकांश मरीजों के हाथ में अस्पताल के परचे के साथ ही एक छोटी सी पर्ची नजर आई। इस पर्ची में बाहर की दवाएं लिखी गई थीं। मरीज फार्मेसी में परचा व पर्ची दे रहे थे। स्वास्थ्यकर्मी उन्हें परचे की दवा ही उपलब्ध करा रहे थे। पर्ची देख बताया जा रहा था कि ये दवा बाहर मेडिकल स्टोर पर मिलेगी।
बौरिहा निवासी डब्लू को कई दिन से सीने में दर्द हो रहा है। शुक्रवार को उन्होंने मेडिकल कॉलेज में दिखाया। चिकित्सक ने अस्पताल के परचे पर दवाएं लिखीं। साथ ही उनको एक छोटी पर्ची भी लिख दी। डब्लू दवा लेने के लिए फार्मेसी पर पहुंचे। वहां परचे की दवाएं तो उन्हें मिल गईं। पर्ची के बारे में बताया गया कि ये दवा मेडिकल स्टोर से खरीदनी होगी।
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तिवारी पुरवा की आरती आंख की दवा लेने आई थीं। उनको भी बाहर की दवा लिखी गई। आरती को फार्मेसी में सिर्फ सरकारी परचे की दवाएं ही मिल पाईं। पर्ची दिखाने पर उन्हें बाहर की ओर इशारा किया गया। आरती ने बताया कि उन्हें अब बाहर से दवा खरीदनी पड़ेगी।
सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी का कहना है कि सभी चिकित्सकों को अस्पताल की ही दवा लिखने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। यदि कोई दवा अस्पताल में नहीं है तो उसे जन औषधि केंद्र से मरीज सस्ते दाम में ले सकते हैं। मरीजों को सीधे मेडिकल स्टोर पर भेजना गलत है। ऐसे मामलों की जांच कराई जाएगी। संबंधित चिकित्सक से जवाब तलब किया जाएगा।
सहूलियत के लिए खुला है जन औषधि केंद्र
मेडिकल कॉलेज परिसर में मरीजों की सहूलियत के लिए सरकार ने जन औषधि केंद्र खुलवाया है। केंद्र में तमाम प्रकार की जरूरी दवाएं सस्ते दाम में उपलब्ध हैं। इसके बावजूद डॉक्टर अस्पताल और जनऔषधि केंद्र की दवाओं को छोड़कर मेडिकल स्टोर की महंगी दवाएं लिख रहे हैं। भाकपा माले के नेता राजीव कुमार ने कहा कि यह एक प्रकार से मरीजों का शोषण है। कमीशन के लालच में डॉक्टर धड़ल्ले से बाहर की दवाएं लिखते हैं।
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