डीएम आशुतोष निरंजन ने अपने कैंप कार्यालय पर अनूठे कार्यक्रम काफी विद कलेक्टर की औपचारिक शुरूआत गुरुवार को कर दी। पहले दिन डीएम ने स्वच्छ भारत मिशन में सर्वोत्तम कार्य कर जनपद को पहचान दिलाने वाले विकासखंड तरबगंज के खानपुर के ग्राम प्रधान शेषदत्त तिवारी के साथ काफी पी और गांव के विकास एवं अन्य विषयों पर गहन चर्चा की।
काफी की चुस्कियों के साथ डीएम ने प्रधान के साथ आए अन्य सहयोगियों से कहा कि उनके इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव के अंतिम पंक्ति के वर्कर से सीधा संवाद स्थापित कर अधिकारी और कर्मचारी के बीच की संवादहीनता को समाप्त कर विकास की गाड़ी को सरपट दौड़ाना है।
उन्होंने ग्राम प्रधान, बीट कांस्टेबल व लेखपाल को सीख देते हुए कहा कि भले ही वे सब अलग-अलग दिखें, परंतु काम टीम भावना के साथ करें।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से गांव स्तर पर होने वाले अपराध को रोकना, विकासपरक योजनाओं को शत-प्रतिशत लागू करना, भूमि विवाद, गांवों में रास्ते के विवाद, तालाबों की स्थिति, सड़कों की स्थिति व निर्माण, नाली, अवैध कब्जे, चकमार्ग, विद्यालयों, एएनएम सेंटर, आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, गांवों की सफाई, आपसी भाईचारा, शरारती तत्वों को चिह्नित करना, अवैध शराब बेचने व बनाने वालों को चिन्हांकित कर कार्यवाही करना, गांवों में हो रही प्रत्येक हलचल को प्रशासन तक पहुंचाना और उन पर समय रहते प्रभावी कार्यवाही करना ही उनका मुख्य मकसद है।
विकास कार्यक्रमों पर परिचर्चा करने के दौरान ज्ञात हुआ कि खानपुर गांव में सात मजरे हैं, जिसकी आबादी दो हजार है। ग्राम प्रधान ने डीएम को अवगत कराया कि वहां पर नियुक्त रोगजार सेवक कैंसर से पीड़ित है तो उन्होंने तत्काल एसडीएम तरबगंज को निर्देशित किया कि वे स्वयं उसके घर जाकर रोजगार सेवक की आर्थिक स्थिति का आकलन कर मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने के लिए शासन को पत्र भेजें।
इस दौरान अन्य विकाय कार्यों पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर ग्राम प्रधान खानपुर शेषदत्त तिवारी, लेखपाल मुकेश श्रीवास्तव, पंचायत सचिव जहरूलनिशा, बीट सिपाही बलबिंदर सिंह व चौकीदार रामभजन मौजूद रहे।