गोंडा। सीएचसी अधीक्षकों के लापरवाही के चलते मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने की शिकायत पर जिलाधिकारी के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई अधीक्षक रात में सीएचसी पर निवास करते नहीं पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान संस्थागत प्रसव में कमी, टीकाकरण व अंधता निवारण कार्यक्रम में लापरवाही पर अधीक्षकों को कड़ी फटकार लगाई।
कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार देर शाम तक चली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार के तेवर सख्त दिखे। बैठक में मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, कम्युनिटी प्रोसेस, एनबीसीपी, नियमित टीकाकरण, कोविड टीकाकरण, जननी सुरक्षा व मातृ वंदना योजना के तहत भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा जिलाधिकारी ने आशा इन्सेंटिव, हाईरिस्क प्रेग्नेंसी, ओपीडी व आईपीडी की स्थिति की जानकारी ली। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बेडों की स्थिति की जानकारी लेने के साथ वित्तीय समीक्षा की।
डीएम ने सीएचसी अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए सभी अधीक्षक सीएचसी पर निवास करें। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दें। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बभनजोत, झंझरी, मुजेहना, अर्बन गोंडा, वजीरगंज, की प्रगति खराब मिली, जिसमें सुधार के निर्देश दिए गए।
बैठक में सीएमओ डॉ. राधेश्याम केसरी, सीडीओ गौरव कुमार, एसीएमओ एपी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार, जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. इंदुबाला, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह, डीसीपीएम डॉ.आरपी सिंह आदि मौजूद रहे।