फोटो-6-गोंडा के सदर तहसील में निरीक्षण करते डीएम। -संवाद
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गोंडा। तहसील सदर इस समय कई तरह के आरोपों से घिरा है। एक तो अधिवक्ता तहसीलदार सदर के खिलाफ लामबंद हैं, शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार का पारा तहसील के कामकाज से गर्म हो गया। उन्होंने तहसीलदार के कार्यालय व न्यायालय का निरीक्षण किया। पत्रावलियों के रख रखाव व रजिस्टर में किए जा रहे अंकना की स्थिति पर नाराजगी जताई। एक कर्मचारी को फटकार लगाई और उसके बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी है। डीएम गैर विवादित दाखिल खारिज न होने पर नाराज हुए। जिलाधिकारी ने कई मामलों की रिपोर्ट मांगी है।
तहसील सदर के अचानक जिलाधिकारी के निरीक्षण से खलबली मची रही। एसडीएम और तहसीलदार ने डीएम को मांगी गई जानकारी दी। डीएम संतुष्ट नजर नहीं आए, एक- एक न्यायालय और कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह काम हो रहा है, इसमें सुधार होना चाहिए। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पहली बार डीएम के ऐसे तेवर देखकर सहमे नजर आए। तहसीलदार मौजूद तो रहे, लेकिन ज्यादा कुछ बोलने से बचते नजर आए। एसडीएम हर कार्यालय का निरीक्षण कराते दिखे। डीएम ने कई मामलों पर अधिकारियों के साथ बैठकर चर्चा की। डीएम ने कहा कि तहसील के कामकाज की पड़ताल की गई है। लापरवाही पर जिम्मेदारी तय होगी और कार्रवाई की जाएगी।