गोंडा। गांधी पार्क के मैदान से शुरू हुआ सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। जिले की गोंडा ताइक्वांडो एसोसिएशन बीते 25 वर्षों में आत्मरक्षा और ताइक्वांडो खिलाड़ियों की मजबूत पौधशाला बनकर उभरी है। यहां प्रशिक्षण लेने वाले कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
गोंडा की वैष्णवी चौधरी ने गांधी पार्क से अभ्यास शुरू कर एशियन गेम्स मलेशिया तक का सफर तय किया। वर्तमान में वह साईं लखनऊ में प्रशिक्षण ले रही हैं। वहीं, क्षितिज तिवारी आर्मी बॉयज रानीखेत में चयनित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कुणाल तिवारी आर्मी ब्यास स्पोर्ट्स कंपनी नासिक में हैं। निखिल और मनीष दिवाकर भी आर्मी बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी नासिक में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने गोंडा ताइक्वांडो एसोसिएशन की देखरेख में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वर्ष 2001 में स्थापित गोंडा ताइक्वांडो एसोसिएशन अक्टूबर 2026 में अपने 25 वर्ष पूरे करने जा रही है। संस्था ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं , महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति अभियान के तहत अब तक करीब 10 हजार बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया है।
संस्था के सचिव डॉ. प्रत्यूष राज ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में करीब 15 हजार से अधिक बालक-बालिकाओं को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से अनेक खिलाड़ी आज विभिन्न सरकारी व निजी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वहीं 100 से अधिक खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो महासंघ कोरिया से ब्लैक बेल्ट की उपाधि प्राप्त की है।