गोंडा। पंचायतीराज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। छठवें वित्त आयोग की सूचनाएं पोर्टल पर दर्ज नहीं की गईं। इस पर जिले में 55 सचिवों का मई का वेतन रोक दिया गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे ने बताया कि एक अप्रैल से छठवां वित्त आयोग लागू हुआ था। निदेशालय ने ग्राम पंचायतों की सूचनाएं अपलोड करने को कहा था। इसके लिए 6, 18 और 26 मई को चेतावनी दी गई। सचिवों को 28 मई तक जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी थी। कई कर्मचारियों ने इसमें लापरवाही बरती। जांच में 34 ग्राम पंचायत सचिव और 21 ग्राम विकास अधिकारी दोषी पाए गए। इन्होंने कुल 109 ग्राम पंचायतों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं की।
इसे उच्चाधिकारियों के आदेशों की घोर अवहेलना माना गया। विभाग ने संबंधित कर्मचारियों का मई माह का वेतन रोका है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कठोर विभागीय कार्रवाई होगी। प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 29 कर्मचारियों को नई तैनाती मिली।