फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मरीजों की सेवा के लिए अपनों से बनाई दूरियां

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। कोरोना संक्रमण में जहां मरीज से उनके परिवारीजन भी मिलने से डरते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने मरीजों की सेवा के लिए अपने परिवार से भी दूरी बना ली है।
विज्ञापन

सेवा का जज्बा लिए मरीजों के इलाज में लगे स्वास्थ्यकर्मियों को हमेशा संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। उनके माध्यम से संक्रमण उनके परिवार तक न पहुंच पाए इसके लिए अस्पताल के घर आने के बाद भी अपने परिवार वालों से दूर ही रहते हैं।
कोरोना महामारी के बीच जहां लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वहीं डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी जान की प्रवाह किए बिना दूसरों के जीवन को बचाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं। संक्रमित और गैर संक्रमितों का जीवन बचाने के लिए यहां का स्टाफ हर संभव प्रयास कर रहा है।
विज्ञापन

ऐसे कोरोना योद्धाओं से जब बात की तो वे किसी भी प्रकार से भयभीत नहीं दिखे। पूरे विश्वास के साथ वे लोगों को उपचार देने में सहयोग कर रहे हैं। कोरोना योद्धाओं का कहना है कि दूसरों का जीवन बचाने के लिए अपनों से कुछ दिन के लिए दूरियां बना ली गई हैं।
जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स के रूप में सेवा दे रहीं मेनिका पांडेय ने बताया कि कोरोना महामारी के नियंत्रण में स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार के साथ उन्हें भर्ती कराकर सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
घर वालों से दूरियां बना ली गई है। किसी को यदि कोई दिक्कत होती है तो फोन से ही सलाह दी जाती है। स्टाफ नर्स कुसुम चौधरी ने कहा कि कोरोना महामारी तेजी से बढ़ रही है। हर कोई भयभीत है। लेकिन हमें अपने पर गर्व है कि हम इन परिस्थितियों के बीच में भी यहां आने वाले संक्रमित और गैर संक्रमित मरीजों के उपचार दे रही हैं।
घर में रहते हुए परिजनों से दूरियां बनाई हैं ताकि परिवार को सुरक्षित रखने के साथ दूसरों को बेहतर उपचार दिया जा सके। स्टाफ नर्स पिंकी व भावना ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों को हमसे बेहतर उपचार की उम्मीद है। हमें मालूम है कि कोरोना संक्रमण खतरनाक है।
लेकिन हम यहां आने वालों की उम्मीद नहीं टूटने देंगे। मरीजों को समय से उपचार देकर उनकी जान बचाना ही हमारा उद्देश्य है। इसी उद्देश्य के खातिर घर वालों से दूरियां बना ली गई हैं। घर में रहते हुए अपनों से दूर रहना पड़ रहा है। करनैलगंज सीएचसी के नर्सिंग आफीसर पंकज कुमार व एचएसओ पूनम सिंह का कहना है कि अस्पताल की इमरजेंसी में दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
जहां यहां आने वाले मरीजों को उपचार देते हैं। वहीं जरूरत पड़ने पर उनकी कोरोना जांच में भी सहयोग करते हैं। कोविड अस्पताल में अकाउंटेंट नवीन शुुुुक्ल का कहना है कि जब किसी मरीज की जिंदगी सुरक्षित हो जाती है तो मन को शांति मिलती है। महामारी के बीच घर वालों की चिंता तो सताती है लेकिन उससे पहले मरीजों को उपचार देना मेरा कर्तव्य है। घर वालों को सुरक्षित रखने के लिए उनसे दूरियां बना कर रखता हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें