हलधरमऊ/गोंडा। रविवार को जिले की सभी 55 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इन मेलों में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित की गईं। हालांकि, हलधरमऊ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहवापरसौरा में कई अव्यवस्थाएं सामने आईं।
नहवापरसौरा में आयुष चिकित्सक डॉ. उदेश कुमार ने दोपहर 1:00 बजे तक केवल 13 मरीजों का उपचार किया। फार्मासिस्ट मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि दवाएं तो दी गईं, पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। मंजू देवी, उमा, पुष्पा और इंद्रमणि जैसे कई मरीजों ने पीने के पानी की व्यवस्था न होने की शिकायत की। उन्हें प्यासे ही वापस लौटना पड़ा, जबकि फार्मासिस्ट ने बताया कि पानी की टंकी है पर पानी पीने योग्य नहीं है।
केस एक
मलेरिया, डेंगू की हुई जांच
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्योरासी में डॉ. शानू सिंह ने सुबह 10:20 बजे 13 मरीजों का उपचार किया। यहां सर्दी, जुकाम, बुखार और फंगल इंफेक्शन के अधिक मरीज आए। फार्मासिस्ट आलम शेर खान ने सभी दवाइयां उपलब्ध होने की जानकारी दी। वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक प्रदीप कुमार सिंह ने शुगर, मलेरिया, डेंगू और हीमोग्लोबिन की जांच होने की बात कही।
केस दो
65 मरीजों का हुआ उपचार
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसकनवा में डॉ. डीसी वर्मा ने 65 मरीजों का उपचार किया। यहां जुकाम, बुखार और पेट संबंधी मरीज अधिक थे। सीएचओ संजना ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी और फार्मासिस्ट रमेश यादव ने दवाएं वितरित कीं। इस मेले में कोई एमबीबीएस विशेषज्ञ या महिला चिकित्सक तैनात नहीं थी।
केस तीन
भौरीगंज में मौसमी बीमारियों का उपचार
पसका। पीएचसी भौरीगंज में मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में डॉ. मुकेश गुप्ता ने मरीजों का इलाज किया। उन्होंने बताया कि जन आरोग्य मेले में 12 मरीजों का इलाज किया गया। अकोहरी से आयीं मनीषा ने बताया कि स्किन एलर्जी का इलाज कराने आईं। चिकित्सक के अनुसार मेले में ज्यादातर मरीज मौसमी बुखार, जुकाम से पीड़ित थे। फार्मासिस्ट अनूप सिंह, वार्ड ब्वाय दीनानाथ, अतिबल सिंह मौजूद रहे।