गोंडा की तत्कालीन सीडीओ दिव्या मित्तल की फाइल फोटो।
गोंडा। आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के त्यागपत्र की खबर के बाद गोंडा में उनकी कार्यशैली की चर्चा शुरू हो गई है। जिले में बतौर सीडीओ महज 11 माह तीन दिन के कार्यकाल में उन्होंने कई ऐसे काम किए, जिनकी गूंज शासन स्तर तक पहुंची।
दिव्या मित्तल ने 16 मई 2017 को गोंडा में सीडीओ का कार्यभार संभाला था। 19 अप्रैल 2018 तक यहां तैनात रहीं। इसके बाद उनका तबादला कानपुर नगर में प्रबंध निदेशक के पद पर हुआ। स्वच्छता अभियान में दिव्या मित्तल ने विशेष रुचि दिखाई। पांच जून 2017 को विश्व पर्यावरण दिवस पर उन्होंने ‘स्वच्छता में आस्था’ अभियान शुरू कराया था। इसके बाद तत्कालीन डीएम जेबी सिंह के साथ मिलकर 26 से 30 मार्च 2018 तक ‘मिशन-32’ अभियान चलाया। इसमें महज 120 घंटे में 32,065 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया। इस उपलब्धि के साथ गोंडा ने आंध्र प्रदेश के विजयनगर जिले का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया था। विजयनगर में वर्ष 2017 में 100 घंटे में 20 हजार शौचालय बनाने का रिकॉर्ड था। इसके साथ ही पीएम आवास योजना में अपात्रों पर कार्रवाई को लेकर भी दिव्या मित्तल ने सुर्खियां बटोरी थीं।
त्यागपत्र की खबर आने के बाद गोंडा में दिव्या मित्तल के कार्यकाल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। परसपुर विकास मंच के डॉ. एके सिंह इस निर्णय से हतप्रभ है। सेवानिवृत्त कर्मचारी केबी सिंह कहते हैं कि ये चौंकाने वाला फैसला है। डॉ. अभय का कहना है कि फैसले का मर्म समझ में नहीं आ रहा है।