महिला थाने में अमर उजाला के दोस्त पुलिस कार्यक्रम में एसआई प्रियंका सिंह के साथ छात्राएं। - संव
गोंडा। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को महिला थाना परिसर में दोस्त पुलिस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत कंपोजिट स्कूल जानकीनगर की छात्राओं ने महिला थाने का भ्रमण किया। छात्राओं ने पुलिसकर्मियों से संवाद कर थाने की कार्यप्रणाली, महिलाओं की सुरक्षा के लिए संचालित व्यवस्थाओं और शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी ली।
थाना प्रभारी अनीता यादव के निर्देशन में पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में बताया। महिला हेल्प डेस्क, शिकायत प्रकोष्ठ और महिलाओं व बालिकाओं की सहायता के लिए संचालित व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। छात्राओं ने पुलिसकर्मियों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाएं भी शांत कीं।
मिशन शक्ति प्रभारी प्रियंका सिंह ने छात्राओं को आपात स्थिति में पुलिस की मदद लेने के लिए यूपी 112, महिला हेल्पलाइन 1090 समेत अन्य जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी परेशानी या खतरे की स्थिति में बिना संकोच पुलिस को सूचना देनी चाहिए। छात्राओं को यह भी बताया गया कि यूपी 112 पर किस तरह की सूचना दी जा सकती है और पुलिस किस तरह मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई करती है।
आरक्षी प्रियंका चौहान और रिक्रूट आरक्षी प्रियंका ने छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए। अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करने की सलाह दी गई। सोशल मीडिया का सावधानी से इस्तेमाल करने और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर परिजनों या पुलिस को बताने के लिए जागरूक किया गया। इस मौके पर प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार मिश्र, शिक्षक हनुमान प्रसाद, श्रद्धा कुमारी आदि मौजूद रहीं।
छात्राओं ने संवाद कर जुटाई जानकारी
महिला थाना भ्रमण के दौरान कक्षा आठ की छात्रा सोनाली, साक्षी, खुशनाज और मानसी ने महिला पुलिसकर्मियों से उनकी ड्यूटी व जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी ली। सानिया, नेहा और पूर्णिमा ने पुलिसिंग की प्रक्रिया को समझा। छात्राओं ने पूछा कि यूपी 112 पर किन परिस्थितियों में मदद ली जा सकती है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि सूचना मिलने के बाद उसे संबंधित थाना और टीम तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। छात्राओं को यह भी बताया गया कि किसी घटना की जानकारी मिलने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देना जरूरी है। इससे समय रहते सहायता पहुंचाई जा सकती है।