गोंडा। नगर पालिका परिषद ने शहर के 27 वार्डों की डेढ़ लाख आबादी वाले इलाकों की साफ-सफाई के लिए 40 वाहन लगा रखे हैं। इन वाहनों पर एक माह में तकरीबन 13 हजार लीटर डीजल की खपत होती है।
साफ-सफाई व बिजली व्यवस्था में लगे वाहनों समेत अधिकारियों के क्षेत्र भ्रमण में लगे वाहन प्रतिमाह करीब 13 लाख रुपये का डीजल पी रहे हैं। मगर शहर के गली-मोहल्ले गंदगी से पटे हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। कूड़े से आने वाली सड़ांध से मोहल्लों के लोग परेशान रहते हैं।
कूड़े के ढेरों के कारण मौसमजनित बीमारी का खतरा भी बना रहता है। शहर की साफ-सफाई व्यवस्था चौपट होने से लोग परेशान हैं। गली मोहल्लों में अंधेरा छाया रहता है। नगर पालिका की लापरवाही के कारण शहर की सड़कों को चमाचम रखने का दावा फेल हो रहा है।
साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नगर पालिका प्रशासन कोई जागरूकता कार्यक्रम नहीं चला रहा है। ऐसे में लोग चौक-चौराहों पर कूड़ा फेंक रहे हैं। इससे शहर में जगह-जगह गंदगी देखने को मिल रही है।
नगर पालिका क्षेत्र के 27 वार्डों में साफ-सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए तीन इंस्पेक्टर समेत प्रत्येक वार्ड को मिलाकर कुल 27 सफाई नायकों की तैनाती है। सड़कों पर गंदगी करने वालों को सुधारने के लिए चालान काटने का प्रावधान है।
चालान काटने की जिम्मेदारी भी तीनों इंस्पेक्टरों समेत सफाई नायकों पर है। मगर सफाई इंस्पेक्टर व सफाई नायक चालान काटने से बचते हैं। इससे लोगों में सुधार नहीं हो रहा है और जुर्माना न होने से शहर में लोग जगह-जगह गंदगी फैलाते रहते हैं।
नगर पालिका परिषद में मौजूदा समय में अधिशासी अधिकारी के साथ ही तीन अधिकारियों की तैनाती है। जबकि अधिकारियों के चलने के लिए सिर्फ एक बोलेरो ही है। जिससे अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्र चलते हैं। इसके अलावा कर निर्धारण अधिकारी अशोक कुमार को कोई वाहन नहीं मिला है।
स्वच्छ भारत मिशन योजना की ओर से नियुक्त जिला कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर तैनात नीतेश राठौर को भी एक बोलेरो मिली है, जो किराए पर है। टेंडर के बाद बोलेरो को नगर पालिका परिषद में लगाया गया है।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्र का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था के साथ ही बिजली व्यवस्था सही तरीके से चलाने के लिए टीम काम कर रही है। साफ-सफाई में कूड़ा कचरा लोडिंग के लिए तकरीबन 40 वाहन हैं। जिनसे शहर का कूड़ा लोड करके शहर से बाहर डंप किया जाता है। इसके अलावा बिजली व्यवस्था के लिए दो हाइड्रोलिक वाहनों को लगाया गया है।