गोंडा। बिजली बिल राहत योजना के दूसरे चरण की शनिवार को मियाद पूरी हो गई। देवीपाटन जोन के बहराइच जिले को छोड़कर कोई भी जिला मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के औसत को भी पार नहीं कर सका है। ऐसे में देवीपाटन जोन दूसरे चरण में फिसड्डी साबित हुआ। वहीं, गोंडा का प्रदर्शन सबसे खराब दर्ज किया गया है। दूसरे चरण की मियाद पांच दिन के लिए बढ़ा दी गई है।
बिजली बिल राहत योजना के तहत मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के जिलों का औसत 30.13 प्रतिशत रहा। मगर जोन के चारों जिलों को मिलाकर यह आंकड़ा पार नहीं किया जा सका है। सिर्फ बहराइच जिले में 31.10 प्रतिशत उपभोक्ताओं का पंजीकरण हो सका है। बाकी बलरामपुर व श्रावस्ती में 25.28 प्रतिशत और गोंडा में सबसे कम 21.70 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया है। इस पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई है।
देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता ने 60 तकनीकी सहायकों को फील्ड से हटाकर उपकेंद्र पर तैनात किया है। इन सभी तकनीकी सहायकों ने एसएसओ की जिम्मेदारी संभाल ली है। इसके साथ ही खराब प्रदर्शन को लेकर अवर अभियंता व एसडीओ को चेतावनी दी गई है। पांच दिन बढ़ाई गई दूसरे चरण की मियाद में सुधार न होने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि योजना के तहत 100 प्रतिशत सरचार्ज और 20 प्रतिशत मूल विद्युत बिल में छूट दी जा रही है। ऐसे में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं से पंजीकरण कराके लाभ लेने की अपील की जा रही है।
इन जिलों में इतने उपभोक्ताओं ने कराया पंजीकरण
बहराइच में 2,87,503 में से 92,278 उपभोक्ताओं का पंजीकरण कराया। इसी तरह से बलरामपुर और श्रावस्ती में 2,96,575 में से 74,980 उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया गया। हालांकि, गोंडा जनपद की स्थिति सबसे चिंताजनक है, गोंडा में 3,28,512 पात्र उपभोक्ताओं में से केवल 71,345 का पंजीकरण हो पाया।