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प्रधानों के शपथ न होने से गावों में ठप्प है कार्य

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गोंडा। पंचायत चुनाव में 1205 पंचायतों में प्रधानों के चुनाव हो चुके हैं। निर्वाचन प्रमाण पत्र मिले एक सप्ताह बीतने के बाद भी ग्राम प्रधानों का शपथ ग्रहण न होने से गांवों में ऊहापोह की स्थिति बनी है।
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते कहर के कारण शपथ ग्रहण कार्यक्रम टल गया है। अब तक चार प्रधानों की भी कोरोना से मौत हो चुकी है। ऐसे में अब 1201 पंचायतों में प्रधानों का शपथ होना है।
जिले के गांवों में कोरोना संक्रमण बढ़ने का ठीकरा पंचायत चुनाव पर ही फोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव के बाद लगातार कोरोना के नए केस मिल रहे हैं अब 1600 से अधिक कोरोना के सक्रिय केस जिले में हैं। वहीं डेढ़ सौ से अधिक की कोरोना से मौत हो चुकी है।
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पंचायत चुनाव के दौरान संक्रमण से बचाव के उचित प्रबंध न हो पाने के कारण कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं और हर दिन नए केस सामने आ रहे हैं। अब प्रधानों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम व ग्राम पंचायतों की पहली बैठक न होने से पंचायतों में कामकाज प्रभावित है।
कोरोना संकट में पंचायतों के अस्तित्व में आने से काफी सहूलियत होती। सैनिटाइज कराने के साथ ही गावों में साफ- सफाई कराने के काम में तेजी आती। अब प्रधानों के शपथ न होने से पंचायतों के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कोरोना को काबू में करने के लिए प्रशासन की ओर से पूरी कोशिश हो रही हैं। यह जरूरी भी है लेकिन पंचायतों का शपथ ग्रहण न कराने और पहली बैठक न होने से कार्यकाल भी शुरू नही हो पा रही है। इससे कामकाज शुरू होने में दिक्कत हो रही है और इसके लिए प्रधान भी इंतजार कर रहे हैं। उन्हें विश्वास भी है कि जल्द से जल्द शपथ ग्रहण की तिथि तय हो गई है।
ग्राम प्रधानों का शपथ ग्रहण मई में ही होने की संभावना है। ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायत सदस्यों को ब्लॉक स्तर पर एक साथ शपथ दिलाने की परंपरा रही है। प्रत्येक ब्लाक में प्रधानों व ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ शपथ कराने पर लगभग 1000 लोगों के उपस्थित होने की संभावना रहती है।
ऐसे में सुरक्षित शारीरिक दूरी व अन्य प्रोटोकॉल अपनाने की व्यवस्था करनी होगी। तैयारियों को लेकर आश्वस्त होने के बाद ही शपथ हो सकेगी। माना जा रहा है कि मई के अंतिम सप्ताह में शपथ हो। शपथ ग्रहण न होने के कारण ग्राम प्रधानों की दुविधा बढ़ी है। सैनिटाइजेशन जैसे कार्य भी प्रधानों को अपने संसाधनों से ही कराने पड़ रहे हैं।
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