गोंडा। जिले में कोरोना का प्रकोप अभी कम हुआ नहीं और डेंगू ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। डेंगू के दस्तक की खबर जिम्मेदारों के कानों तक नहीं पहुंच सकी। संक्रामक रोगों के प्रभारी को डेंगू के प्रकोप की भनक भी नहीं लगी। जिले के करनैलगंज क्षेत्र में डेंगू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अभी तक वहां करीब 55 डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी मिली है। वहीं जिला अस्पताल में सर्जन डॉ. समीर गुप्ता ने दो दर्जन से अधिक डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की ओपीडी किया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग को न ही मरीजों की संख्या पता है न ही जिला अस्पताल व सीएससी में डेंगू से निपटने के कोई इंतजाम किया गया है।
वहीं जिला अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। डेंगू वार्ड के बगल ही खुला व भरा डस्टबिन रख दिया गया है। संक्रमण रोगों के प्रभारी व हेल्थ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार को यह भी नहीं पता कि जिले में किसी संक्रामक बीमारी ने दस्तक दी है। उन्होंने बताया कि कोरोना के इलावा और किसी बीमारी में बारे में जानकारी नहीं है। जिला अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण मरीजों के परिवारीजन निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर मजबूर हैं। शहर के परेड सरकार के एक व पंडरी कृपाल के दत्तनगर निवासी एक युवक को बुखार के बाद जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं डुमरियागंज के एक युवक में डेंगू की पुष्टि हुई। सभी मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है।
जिला अस्पताल में लटका ताला, निजी अस्पतालों में करा रहे हैं इलाज
जिला अस्पताल में डेंगू के इलाज की समुचित व्यवस्था न होने के कारण मरीज मजबूरी में अपना इलाज निजी अस्पतालों में करवा रहे हैं। जिसके चलते जनपद में करीब 70 से अधिक मरीज होने के बावजूद जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में ताला लटका है। जगतपुरवा के राजकुमार के परिवार वालों ने बताया कि पिछले सप्ताह दिल्ली से आने के बाद से तेज बुखार से पीड़ित हैं। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डेंगू से बचाव के तरीके-
-सोते समय मच्छर दानी का उपयोग करें।
-खिड़की दरवाजों में नेटिग होनी चाहिए।
-घर और आसपास पानी को एकत्र न होने दें।
-अनुपयोगी वस्तुओं में पानी इकट्ठा न होने दें।
-पानी की टंकी पूरी तरह ढक कर रखें
-कूलर चलाना बंद कर, उसे सुखाकर रख दें।
-फ्रीज की ट्रे रोजाना साफ करें।
-शरीर को ढ़कने वाले परिधान पहनें।
डेंगू बुखार के लक्षण :
-सिर व मांसपेशियों में दर्द।
-उल्टी आना, ग्रंथियों में सूजन।
-आंखों में दर्द होना।
जिले में डेंगू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अभी तक करीब दो दर्जन डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की ओपीडी की गई है। तेज सिर दर्द, बुखार व मांस पेशियों में दर्द डेंगू के सामान्य लक्षण तथा नाक, मुंह मसूढ़ों से खून आना गंभीर लक्षण हैं। -डॉ. समीर गुप्ता, फिजीशियन जिला अस्पताल
अभी तक कोरोना के अलावा किसी भी संक्रामक बीमारी के बारे में जानकारी नहीं मिली है। जिला अस्पताल में संक्रामक बीमारियों के इलाज व बचाव की पूरी व्यवस्था है। -डॉ. वीरेंद्र कुमार हेल्थ इंस्पेक्टर व प्रभारी संक्रामक रोग